क्या जुबिन को जहर दिया गया? जुबीन गर्ग की मौत के मामले में बड़ा खुलासा
Khabar Pradhan Desk
संवाददाता
4 October 2025, 11:55 AM
4 अक्टूबर 2025 : मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है।
और उनके बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने गंभीर आरोप लगाते हुए जुबिन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और फेस्टिवल ऑर्गेनाइजर श्याम कानू महांता पर आरोप लगाया है कि उन्हें जहर देकर मारा गया है और उनकी मौत को हादसा बताने की साजिश रची गई है।
उनका कहना है कि जुबिन की मौत के पहले मैनेजर शर्मा का व्यवहार बहुत संदिग्ध था । उनके मैनेजर पर पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है । उन पर हत्या, आपराधिक साजिश ,गैर इरादतन हत्या जैसे गंभीर गैर जमानती आरोप लगे हुए हैं।
आरोप है गंभीर:
असम के मशहूर सिंगर जुबिन गर्ग की मौत सिंगापुर में डूबने से बताई जा रही है। उनकी मौत तब हुई जब वह सिंगापुर में एक इवेंट में हिस्सा लेने के लिए गए थे । लेकिन उससे पहले उन्होंने एक वोट में सवार होकर इस स्कूबा डाइविंग की थी उसके बाद उन्होंने समुद्र में छलांग लगा दी। समुद्र में तैरते समय उनकी मौत हो गई।
उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराया गया लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया वहीं अब इस मामले में हत्या की साजिश की ओर इशारा किया जा रही है पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है इसीलिए सभी को जुबिन के मैनेजर पर शक है और लगातार उनसे पूछताछ की जा रही है।
क्या है आरोप- कैसे हुई मौत:
जुबीन गर्ग के बाद मीत शेखर ज्योति गोस्वामी ने गंभीर आरोप लगाते हुए उनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और ऑर्गेनाइज श्याम कानू महंता ने उन्हें जहर देकर मार दिया और की की कोशिश की गई।
पेन पसिफर होटल में शर्मा उनके साथ थे । यट यात्रा के दौरान मैनेजर ने यट के कप्तान से जबरन गयट का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। जिससे बीच समुद्र में खतरनाक तरीके से नाव डगमगाने लगी और सब की जान खतरे में पड़ गई।
गोस्वामी में यह भी दावा किया कि शर्मा ने असम संगठन के सदस्य तन्मय फुकन को कहा कि वह ड्रिंक की व्यवस्था करें । जब जुबिन सांस लेने के लिए जूझ रहे थे और डूबने की स्थिति में थे ,तब मैनेजर चिल्ला रहे थे कि उसे जाने दो । गोस्वामी ने कहा कि वह जुबिन एक प्रशिक्षित तैराक थे और खुद शर्मा ने उन्हें तैराकी सिखाई थी। इसलिए डूबने से मौत होना असंभव है। गोस्वामी ने यह भी कहा की जुबिन के नाक और मुंह से झाग निकल रहा था, तब इसे एसिड रिफ्लेक्ट बताया गया। अब लोगों से कहा गया कि चिंता करने की जरूरत नहीं है । और मेडिकल ना बुलाकर स्थिति और बिगाड़ दिया । जिससे जुबिन की मौत हो गई।
पूछताछ में उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। किंतु जांच एजेंसियों का कहना है की गवाहों के बयान और वित्तीय लेनदेन और अन्य सबूत से शर्मा की भूमिका पर गंभीर शक बनता है। जांच सीआईडी को सौंप दी गई है और लगातार मामले की जांच आगे बढ़ रही है।