वनडे क्रिकेट को टेस्ट की तरह खेलने के लिए बदनाम रहे ये 5 बल्लेबाज, जानिए कौन-कौन हैं वो!
Khabar Pradhan
संवाददाता
1 November 2024, 8:30 AM
अपडेट: 8:32 AM
5 बल्लेबाज जो है बदनाम
क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें हर खिलाड़ी की अपनी खासियत होती है, और उन्हें उनके खेल की शैली के लिए जाना जाता है। हालांकि, कभी-कभी कुछ खिलाड़ी अपनी धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचनाओं का शिकार हो जाते हैं। खासकर वनडे क्रिकेट जैसे तेज़ खेल में, जहां हर गेंद पर रन बनाने की उम्मीद होती है।
कुछ बल्लेबाजों ने अपने खेल के दौरान टेस्ट क्रिकेट जैसी धीमी बल्लेबाजी को अपनाया। इससे न केवल मैच का रफ्तार धीमा हो गया, बल्कि फैंस और विशेषज्ञों ने भी इन बल्लेबाजों को कड़ी आलोचना की। आज हम आपको उन पांच बल्लेबाजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको वनडे में टेस्ट की तरह खेलने के लिए बदनाम किया गया।
5 बल्लेबाज जो है बदनाम
- राहुल द्रविड़ - भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को 'द वॉल' के नाम से जाना जाता है। उनकी बल्लेबाजी की तकनीक बेहद मजबूत थी और वह अक्सर धीमी पारी खेलते थे। जबकि द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी भूमिका को बखूबी निभाया, वनडे क्रिकेट में उनकी धीमी बल्लेबाजी के कारण उनकी आलोचना भी हुई। वह अक्सर 50 ओवरों में एक धीमी पारी खेलते थे, जिससे रन रेट पर असर पड़ता था। हालांकि, द्रविड़ के पास मैच को जीतने के लिए मजबूत और स्थिर तकनीक थी, लेकिन उनकी धीमी बल्लेबाजी को वनडे के तेज खेल के खिलाफ आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
- नाथन astle (न्यूजीलैंड) - न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज नाथन एस्टल का नाम भी उन खिलाड़ियों में आता है, जिन्हें वनडे क्रिकेट में धीमी बल्लेबाजी के लिए बदनाम किया गया था। एस्टल का बल्लेबाजी का तरीका शांत और ठहराव वाला था, जिससे उनकी पारी अक्सर धीमी पड़ जाती थी। हालांकि, एस्टल की बल्लेबाजी के समय उन्होंने कई ऐतिहासिक पारियां खेली, लेकिन उनकी धीमी गति को लेकर फैंस और आलोचकों ने उन पर सवाल उठाए।
- माइकल हसी (ऑस्ट्रेलिया) - ऑस्ट्रेलिया के 'मिस्टर क्रिकेट' माइकल हसी भी अपनी स्थिरता और तकनीक के लिए प्रसिद्ध थे, लेकिन कभी-कभी उनकी पारी की गति को लेकर आलोचनाएं हुईं। हसी ने अपनी करियर की शुरुआत में वनडे क्रिकेट में धीमी बल्लेबाजी की, जबकि उनकी टेस्ट क्रिकेट में शानदार पारियां देखी जाती थीं। उनका खेल बेहद तकनीकी और ठहराव से भरा था, लेकिन अक्सर उन्हें अपनी धीमी गति के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा। हालांकि, वह एक बेहतरीन खिलाड़ी थे, लेकिन उनकी वनडे क्रिकेट में धीमी बल्लेबाजी से फैंस थोड़ा असंतुष्ट थे।
- जैक कैलिस (दक्षिण अफ्रीका) - दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक कैलिस ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अपनी शानदार भूमिकाएं निभाईं, लेकिन वनडे में उनकी धीमी बल्लेबाजी ने उन्हें आलोचना का शिकार बनाया। कैलिस का खेल बहुत ही स्थिर था, और वह अपनी गति से ज्यादा तकनीकी रूप से मजबूत थे। वह अक्सर 50 ओवरों के खेल में काफी धीमी शुरुआत करते थे, जो उनके आलोचकों के लिए चिंता का कारण बनता था। हालांकि, कैलिस के पास असाधारण क्रिकेटिंग कौशल था, लेकिन उनकी धीमी बल्लेबाजी के कारण उन्हें वनडे क्रिकेट में कभी पूरी तरह से सराहा नहीं गया।
- शॉन पोलॉक (दक्षिण अफ्रीका) - शॉन पोलॉक का नाम अधिकतर गेंदबाजों के रूप में लिया जाता है, लेकिन उनका बल्लेबाजी भी कभी-कभी धीमी और नियंत्रण वाली होती थी। पोलॉक का खेल स्थिर था, लेकिन वनडे मैचों में वह अपनी धीमी बल्लेबाजी के लिए आलोचना का शिकार होते थे। वह अक्सर बहुत ही मापदंड से अपनी पारी की शुरुआत करते थे और रन बनाने की गति धीमी रखते थे। यही कारण था कि उनकी बल्लेबाजी को वनडे क्रिकेट के तेज खेल के खिलाफ आलोचना का सामना करना पड़ा।
क्यों होती है धीमी बल्लेबाजी की आलोचना?
वनडे क्रिकेट को एक तेज खेल के रूप में देखा जाता है, जहां बल्लेबाजों से अपेक्षाएँ होती हैं कि वह रन बनाने की गति को तेज करें। यहां हर गेंद पर रन बनाना जरूरी होता है, खासकर तब जब टीम को बड़ी साझेदारी की आवश्यकता होती है। जब कोई बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट की तरह धीमी शुरुआत करता है, तो न केवल टीम का रन रेट प्रभावित होता है, बल्कि दबाव भी बढ़ जाता है। इस कारण से, इन खिलाड़ियों की धीमी बल्लेबाजी पर आलोचना की जाती थी।
धीमी बल्लेबाजी का महत्व
हालांकि इन बल्लेबाजों की धीमी बल्लेबाजी पर आलोचना की जाती थी, लेकिन यह भी सच है कि इनमें से हर एक खिलाड़ी ने अपनी स्थिरता और तकनीकी कौशल के साथ टीम के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। कई बार धीमी शुरुआत भी लंबे समय तक टिके रहने और साझेदारी बनाने के लिए फायदेमंद होती है।
इन बल्लेबाजों ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में हर शैली का महत्व होता है, और हर खिलाड़ी की अपनी भूमिका होती है। इन खिलाड़ियों की धीमी बल्लेबाजी का मतलब यह नहीं था कि वे कमजोर थे, बल्कि यह उनकी अपनी शैली और खेल का तरीका था। इसीलिए, भले ही उनकी बल्लेबाजी पर आलोचनाएं थीं, लेकिन इन क्रिकेटरों ने अपनी पूरी करियर में कई शानदार उपलब्धियां हासिल की।