अतिथि शिक्षकों पर सख्ती: सात दिन गैरहाजिर तो जाएगी नौकरी

khabar pradhan

संवाददाता

23 February 2026

अपडेटेड: 1:04 PM 0rdGMT+0530

अब स्कूलों में नियमित उपस्थिति अनिवार्य, सात दिन का गैप पड़ेगा भारी
प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने कहा है कि स्कूलों में लगातार हाजिरी लगाना जरूरी होगा। यदि कोई अतिथि शिक्षक सात दिन तक ई-अटेंडेंस नहीं लगाता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इस फैसले से राज्य के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों पर सीधा असर पड़ेगा।

तकनीकी खामी या बहाने नहीं चलेंगे, उपस्थिति पर ही मिलेगा वेतन
अधिकारियों का कहना है कि कई शिक्षक तकनीकी दिक्कत या नेटवर्क समस्या का हवाला देकर अनुपस्थित रह रहे थे। अब ई-अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन दिया जाएगा और स्कूलों में उनकी मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। जिन स्कूलों में नियमित शिक्षक नहीं हैं, वहां पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए यह सख्ती जरूरी बताई गई है।

शिक्षकों का विरोध, आदेश को बताया तुगलकी फरमान
अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने इस निर्णय का विरोध किया है। प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि जानबूझकर गैरहाजिर रहने वालों पर कार्रवाई सही है, लेकिन बीमारी, दुर्घटना या आकस्मिक स्थिति में अनुपस्थिति पर भी कोई स्पष्ट नियम नहीं है, जिससे शिक्षकों में असंतोष है।

संशोधन की मांग, आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने सरकार से आदेश में संशोधन करने की मांग की है और कहा है कि अनुपस्थिति के कारण बताने का विकल्प जोड़ा जाए। यदि इसमें सुधार नहीं हुआ, तो अतिथि शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से बड़े आंदोलन की राह भी अपना सकते हैं।

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