अमेरिका ने  H1B वीजा नियमों में किया बड़ा बदलाव: कई भारतीयों की नौकरी पर खतरा:

khabar pradhan

संवाददाता

27 December 2025

अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530

अमेरिका ने  H1B वीजा नियमों में किया बड़ा बदलाव: कई भारतीयों की नौकरी पर खतरा:

अमेरिका में ट्रंप सरकार ने H1B वीजा नियमों में कुछ बदलाव किए हैं।

भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को यह जानकारी दी।   15 दिसंबर से अमेरिका ने वीजा की जांच प्रक्रिया के अंतर्गत H1 B वीजा और H4 वीजा आवेदकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

इन  वीजा आवेदकों के लिए ऑनलाइन प्रेजेंस रिव्यू को और व्यापक किया है।  यह प्रक्रिया अब दुनिया भर में सभी देशों और सभी आवेदकों पर लागू की जाएगी।

अमेरिकी दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि H1B वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग और अवैध प्रवासन पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इससे योग्य अस्थाई विदेशी कामगारों को अवसर दिया जा सकता है।

साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि वे आवेदन देने में जल्दबाजी न करें।  क्योंकि इसकी जांच प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।

 इस फैसले का असर:

अमेरिकी दूतावास द्वारा एक संक्षिप्त बयान सामने आया है उसमें यह कहा गया है कि इस महीने के अंत तक होने वाले H1 B वीजा का रिन्यू अचानक रद्द किया गया है और कई अगले महीनो के लिए टाल  दिया गया है।

इससे सैकड़ो भारतीयों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है । कई वीजा होल्डर भारतीय , दिसंबर में अपना वर्क परमिट रिन्यू कराने के लिए अपने देश लौटे थे।  लेकिन अब यही फंस कर रह गए हैं । अमेरिकी दूतावास ने जांच के नियमों का हवाला देते हुए उनकी अपॉइंटमेंट रद्द कर दी और आगे की नई तारीख कई महीनों के बाद की दी है।

कई टेक कंपनियों ने अपनी कर्मियों से देश ना छोड़ने की हिदायत दी:

वीजा में हो रही इस देरी की कारण माइक्रोसॉफ्ट गूगल सहित कई कंपनियों ने विदेश में काम करने वाले अपने कर्मचारियों को यह सलाह दी है कि  वे देश छोड़कर ना जाए।

गूगल का कहना है कि अगर वे बाहर जाएंगे तो लंबे समय के लिए फंस सकते हैं।

ह्यूस्टन में स्थित इमीग्रेशन लॉ फर्म रेड्डी न्यूमैन ब्राउन पीसी के पार्टनर एमिली न्यूमैन ने बताया है कि उनके ही कम से कम 100 से ज्यादा क्लाइंट इस समय भारत में फंसे हुए हैं।  इसके अलावा और भी सैकड़ो या हजारों मामले हो सकते हैं।

पहले दी गई थी 15 दिसंबर की तारीख:

जिन उम्मीदवारों को 15 दिसंबर की तारीख निर्धारित की गई थी उन्हें अब मार्च की नई तारीख दी गई है वहीं दिसंबर के अपॉइंटमेंट वाले आवेदकों को और भी लंबा समय इंतजार करना पड़ सकता है।

इस वजह से कई विशेषज्ञों का मानना है इससे उनकी नौकरी पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है क्योंकि कई कंपनियां लंबे समय तक उनके लौटने का इंतजार नहीं कर सकती।

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीय कामगारों पर पड़ा है।  जिनका इंटरव्यू कई महीनो के लिए टाल दिया गया है।  इससे उनके अमेरिका लौटने  की योजना में व्यवधान उत्पन्न हो गया है।

 रिपोर्ट के अनुसार कुल H1 Bवीजा धारकों में से करीब 71 प्रतिशत भारतीय हैं।

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