एक साल बाद फिर चली नेपा मिल, अखबारी कागज उत्पादन से जगी नई उम्मीद
संवाददाता
17 March 2026
अपडेटेड: 5:14 PM 0thGMT+0530
17 मार्च 2026
नेपानगर (बुरहानपुर)।लंबे समय से बंद पड़ी नेपा लिमिटेड मिल में एक साल बाद फिर से अखबारी कागज का उत्पादन शुरू हो गया है। सोमवार का दिन इस मिल के लिए ऐतिहासिक रहा, जब ट्रायल रन सफल होने के बाद मशीनों की आवाज एक बार फिर गूंज उठी।
कच्चे माल की कमी के कारण लंबे समय से बंद पड़ी मिल में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार डॉ. रेनुका मिश्रा और स्वतंत्र निदेशक सीए मिलिंद कनाडे ने पुनर्जीवित उत्पादन प्रक्रिया का निरीक्षण किया। बॉयलर लाइट-अप के साथ ट्रायल ऑपरेशन सफल रहा, जिससे चिमनी से उठता धुआं और मशीनों की गड़गड़ाहट ने क्षेत्र में नई उम्मीद जगा दी।
प्रबंध निदेशक नरेश सिंह के नेतृत्व में मिल को फिर से शुरू करने के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। हालांकि श्रमिक संघ के अध्यक्ष प्रवीण चंद्र सोनी ने लंबित वेतन भुगतान और नए वेतनमान लागू करने की मांग उठाई है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल भी कार्यशील पूंजी पैकेज के लिए प्रयासरत हैं।
75 वर्षों के इतिहास वाली इस मिल ने देश को अखबारी कागज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है। अगस्त 2022 में नवीनीकरण के बाद अब इसे निरंतर संचालन की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में कच्चे माल और वर्किंग कैपिटल की कमी बनी हुई है, वहीं कर्मचारियों को एक साल से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
यदि मिल का संचालन नियमित रूप से जारी रहता है, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को नई गति मिलने की पूरी संभावना है।