कहानी रामपाल कश्यप की जिन्हें पीएम मोदी ने खुद अपने हाथों से पहनाए जूते

khabar pradhan

संवाददाता

16 April 2025

अपडेटेड: 6:48 AM 0thGMT+0530

पीएम मोदी ने कैथल के रामपाल कश्यप से की थी मुलाकात, 14 साल की प्रतिज्ञा पूरी कर पहनाए जूते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के यमुनानगर में एक भावुक क्षण के दौरान कैथल के रामपाल कश्यप से मुलाकात की। रामपाल ने 14 साल पहले एक अनोखी प्रतिज्ञा ली थी कि वे तब तक जूते नहीं पहनेंगे, जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बन जाते और वे उनसे व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल लेते। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने न केवल रामपाल की प्रतिज्ञा पूरी की, बल्कि अपने हाथों से उन्हें जूते भी पहनाए। यह पल सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है।
रामपाल कश्यप की कहानी
रामपाल कश्यप, कैथल के कांगथली गांव के एक साधारण दिहाड़ी मजदूर हैं। 2012 में उन्होंने यह प्रण लिया था कि वे नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने और उनसे मिलने तक नंगे पांव रहेंगे। उनकी यह प्रतिज्ञा न केवल उनके विश्वास को दर्शाती है, बल्कि उनके धैर्य और समर्पण की भी मिसाल है। 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी रामपाल ने अपनी प्रतिज्ञा को बनाए रखा, क्योंकि उनकी दूसरी शर्त—मोदी से मुलाकात—अभी पूरी नहीं हुई थी।
इस मुलाकात का मौका तब आया, जब पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने रामपाल की कहानी को पत्र के जरिए पीएम मोदी तक पहुंचाया। पीएम कार्यालय ने तुरंत इस पर कार्रवाई की और रामपाल को यमुनानगर में पीएम के कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
मुलाकात का भावुक पल
यमुनानगर में एक जनसभा के दौरान जब रामपाल नंगे पांव पीएम मोदी के पास पहुंचे, तो मोदी ने उन्हें देखते ही स्नेह से पूछा, “अरे भाई, तुमने ऐसा क्यों किया? अपने को इतना कष्ट क्यों दिया?” रामपाल ने जवाब दिया कि यह उनकी 14 साल पुरानी प्रतिज्ञा थी। इसके बाद, पीएम मोदी ने एक जोड़ी नए जूते निकाले और रामपाल को अपने हाथों से पहनाए। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “आज हम तुम्हें जूते पहना रहे हैं, लेकिन आगे से ऐसा कुछ मत करना।”
इस मुलाकात का वीडियो पीएम मोदी ने अपने ट्विटर (X) अकाउंट पर साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “यमुनानगर की जनसभा में आज कैथल के श्री रामपाल कश्यप जी से मिलने का सौभाग्य मिला। उन्होंने 14 साल पहले प्रण लिया था कि वे मेरे पीएम बनने और उनसे मिलने के बाद ही जूते पहनेंगे। मैं रामपाल जी जैसे लोगों से अभिभूत हूं और उनके स्नेह को स्वीकार करता हूं। लेकिन मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि ऐसे प्रण न लें। अपनी ऊर्जा को सामाजिक कार्य और राष्ट्र निर्माण में लगाएं।”
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। लाखों लोगों ने इस वीडियो को देखा और रामपाल के समर्पण के साथ-साथ पीएम मोदी की विनम्रता की सराहना की। कई लोगों ने इसे एक आम आदमी और नेता के बीच गहरे भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक बताया। वहीं, कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे एक प्रचार स्टंट करार दिया, लेकिन समग्र रूप से इस पल ने लोगों के दिलों को छू लिया।
रामपाल की बहन सुनिता ने गर्व के साथ कहा, “उसने अपनी प्रतिज्ञा को पूरी तरह निभाया। यह हमारे परिवार के लिए सम्मान की बात है।” रामपाल ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मेरे लिए यह सपने के सच होने जैसा है। मैंने हर कदम पर मोदी जी को याद किया।”
अन्य गतिविधियां
इस मुलाकात के अलावा, पीएम मोदी ने यमुनानगर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट की 800 मेगावाट की नई इकाई और हिसार के महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन की आधारशिला शामिल है। उन्होंने हिसार से अयोध्या के लिए पहली कमर्शियल उड़ान को भी हरी झंडी दिखाई।
निष्कर्ष
रामपाल कश्यप और पीएम मोदी की यह मुलाकात विश्वास, समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता की एक खूबसूरत मिसाल है। यह घटना न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश में लोगों के लिए प्रेरणादायक बन गई है। पीएम मोदी का यह संदेश कि ऐसी प्रतिज्ञाओं के बजाय सामाजिक कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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