कांग्रेस ने अमित मालवीय और अर्नब गोस्वामी पर दर्ज कराई FIR, तुर्किये ऑफिस के दावे को बताया भ्रामक

khabar pradhan

संवाददाता

21 May 2025

अपडेटेड: 10:01 AM 0stGMT+0530

कांग्रेस ने अमित मालवीय और अर्नब गोस्वामी पर दर्ज कराई FIR, तुर्किये ऑफिस के दावे को बताया भ्रामक

*HEADLINE: कांग्रेस ने अमित मालवीय और अर्नब गोस्वामी पर दर्ज कराई FIR, तुर्किये ऑफिस के दावे को बताया भ्रामक

कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय और रिपब्लिक टीवी के पत्रकार अर्नब गोस्वामी के खिलाफ एक FIR दर्ज कराई है. यह शिकायत कांग्रेस के खिलाफ झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने को लेकर की गई है. आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया और टेलीविजन के माध्यम से यह दावा किया कि कांग्रेस पार्टी का तुर्किये में रजिस्टर्ड ऑफिस है, जो पूरी तरह से निराधार और जनता को गुमराह करने वाला है.

झूठे दावों के खिलाफ शिकायत दर्ज

कांग्रेस की तरफ से यह शिकायत भारतीय युवा कांग्रेस के लीगल सेल प्रमुख श्रीकांत स्वरूप बी एन ने बेंगलुरु के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया है कि 17 मई को अमित मालवीय ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें अर्नब गोस्वामी यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि कांग्रेस का तुर्किये में ऑफिस है. मालवीय ने इस पोस्ट में राहुल गांधी से जवाब मांगा कि उन्हें ऐसा ऑफिस खोलने की ज़रूरत क्यों पड़ी. उन्होंने इसे “हैरान करने वाला” और “समझ से परे” बताया.
कांग्रेस का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है ताकि पार्टी की छवि खराब की जा सके, देश की जनता को गुमराह किया जाए और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ा जा सके.

कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज

शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 192 (जानबूझकर दंगा भड़काने की मंशा से भड़काऊ जानकारी देना) और धारा 352 (जानबूझकर अपमान करके शांति भंग करना) के तहत मामला दर्ज किया है. साथ ही प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, CBI और अन्य संबंधित एजेंसियों से अपील की गई है कि वे इस मामले को आपात स्थिति के रूप में देखें और सख्त कदम उठाएं.
कांग्रेस ने यह भी कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ न सिर्फ लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं बल्कि इससे देश की सुरक्षा को भी चुनौती मिलती है.

तुर्किये-पाकिस्तान समर्थन के बाद विवाद और गहराया

इस विवाद की पृष्ठभूमि में हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव भी है. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद तुर्किये और अजरबैजान ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया. रिपोर्ट्स के अनुसार, तुर्किये ने पाकिस्तान को भारत के खिलाफ उपयोग के लिए ड्रोन, हथियार और प्रशिक्षित लड़ाके भी भेजे. इसके जवाब में भारत में #BoycottTurkey और #BoycottAzerbaijan जैसे अभियान शुरू हो गए हैं.
तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बातचीत की और हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की. उन्होंने हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग का समर्थन भी किया.*

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