कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान पर मचा बवाल :
महिला कांग्रेसियों ने निवास का किया घेराव:
संवाददाता
2 January 2026
अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530
सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से मौत के मामले में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा।
गंदे पानी पीने से मरने वालों की संख्या 14 पहुंच गई है और अब तक 1400 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं , 200 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
इतनी मौतों के बावजूद प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं है। यह जहर पानी में कैसे घुला,अब तक कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। सिर्फ 14 मौतों के हिसाब से दो-दो लाख रुपये परिजनों को देने की घोषणा की गई है।
कैलाश विजयवर्गीय के बयान से मचा बवाल: बयान को बताया गैर जिम्मेदाराना:
गुरुवार की सुबह नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दोपहिया वाहन से भागीरथपुरा पहुंचे । यहां दूषित पानी से जांन गवाने वाले मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए के चेक देने का वादा किया । किंतु परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया।
परिजनों ने विशेषकर महिलाओं ने कैलाश विजयवर्गीय का स्कूटर रास्ते में ही रोक लिया और आरोप लगाया कि 2 साल से गंदा पानी आ रहा था। बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना था कि हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें जवाब चाहिए।
कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दूषित पानी पर दी हुई मौतों पर दिए गए बयान के बाद राजनीति और गरमा गई।
इस बयान के बाद महिला कांग्रेसियों ने मंत्री के सरकारी निवास का घेराव किया, महिला कांग्रेसियों ने हाथों में घंटियां लेकर प्रदर्शन किया। नारेंबाजी कर इस्तीफे की मांग की।
महिला कांग्रेसियों ने मंत्री की फोटो पर जूते चप्पल फेंकें। इस प्रदर् इस प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ,जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना भी शामिल रहे। पीसी शर्मा ने कहा कि इस तरह के बयान बाजी सत्ता में चूर नशे को दर्शाता है और संवेदनहीनता को उजागर करता है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को एक करोड रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की।
दूषित पानी से हुई मौतों पर उमा भारती ने भी उठाया सवाल:
दूषित पानी से हुई मौतों पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा पाप है जिसका कोई स्पष्टीकरण नहीं हो सकता। इसके लिए सिर्फ प्रायश्चित होता है या दंड।
उमा भारती ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि साल 2025 के अंत में हमारा प्रदेश ,हमारी सरकार, हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गई। शहर के सबसे अच्छे, सुंदर, स्वच्छ शहर में इतनी बदसूरत थी , कि गंदगी और जहर मिला हुआ पानी जाने कितनी जिंदगियां को निगल गया और दिन पर दिन मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने यह भी लिखा कि जिंदगी की कीमत लाख रुपए 2 नहीं होती । उनके परिजन जीवन पर्यंत दुख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा और परिजनों से माफी मांगनी होगी।
इस मामले में जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा ।यह मोहन यादव जी के परीक्षा की घड़ी है।
डरे हुए लोग टैंकर से नहीं ले रहे पानी:
भागीरथपुरा में नगर निगम के टैंकर स्वच्छ पानी उपलब्ध करा रहे हैं किंतु मौत के बढ़ते आंकड़ों के कारण निवासियों में डर का माहौल है ।वे लोग टैंकर से भी लिया गया पानी उबालकर इस्तेमाल कर रहे हैं और कुछ लोग तो इतने डरे हुए हैं कि वह बाहर से मिनरल वाटर खरीद कर इस्तेमाल कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का बयान:
गंदे पानी से मरने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इस मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की सरकार पर तीखा हमला बोला है ।उन्होंने कहा कि आम आदमी को पानी की जगह जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकरण की नींद में मस्त है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोग परेशान हैं, पीड़ा में है और बीजेपी के नेता घमंड में चूर हैं।
राहुल गांधी ने कहा लोगों ने गंदे पानी और बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई नहीं हुई । प्रशासन कुंभकरण की नींद में सो रहा है और नेता अहंकारी बयान दे रहे हैं।