कोर्ट की अवमानना पर सख्ती: पूर्व ACS सुलेमान, IAS राठी समेत चार अधिकारियों को दो माह की सजा
संवाददाता
25 March 2026
अपडेटेड: 3:43 PM 0thGMT+0530
25 मार्च 2026
इंदौर। कोर्ट के आदेश की अनदेखी अधिकारियों को भारी पड़ गई। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकलपीठ ने पूर्व अपर मुख्य सचिव (ACS) मोहम्मद सुलेमान, वर्तमान आयुक्त आदिम जाति कल्याण तरुण राठी, उज्जैन स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. डीके तिवारी और मंदसौर CMHO डॉ. गोविंद चौहान को कोर्ट की अवमानना का दोषी पाते हुए दो-दो माह के कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, कोर्ट ने सजा को तीन सप्ताह के लिए स्थगित भी कर दिया है ताकि आदेश का पालन किया जा सके।
मामला मंदसौर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से जुड़ा है, जिनके पक्ष में 6 दिसंबर 2023 को हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया था। कोर्ट ने कर्मचारियों के वर्ष 2004 से 7 अप्रैल 2016 तक नियमितीकरण और उससे जुड़े सभी लाभ देने के निर्देश दिए थे। इसके पालन के लिए विभाग को तीन माह का समय भी दिया गया था, लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया।
इस पर नौ अवमानना याचिकाएं हाई कोर्ट में दायर की गईं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी संबंधित अधिकारियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। सात पेज के आदेश में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन अवमानना याचिकाओं की 22 बार सुनवाई हो चुकी है, इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया।