सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर वितरण की नई गाइडलाइन की जारी: कलेक्टरों को दिए गए निर्देश:

khabar pradhan

संवाददाता

24 March 2026

अपडेटेड: 6:32 PM 0thGMT+0530

सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर वितरण की नई गाइडलाइन की जारी: कलेक्टरों को दिए गए निर्देश:

24 मार्च 2026
भोपाल।

खाद्य विभाग का आदेश: एमपी में 50 हजार होटल-रेस्टोरेंट को मिलेगी व्यावसायिक गैस

मध्य प्रदेश सरकार ने गैस सिलेंडरों के वितरण के संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह 100% आपूर्ति मिलती रहेगी । वहीं दूसरी तरफ शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित कमर्शियल गैस की आपूर्ति में कुल स्टॉक में से 30% आपूर्ति देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि ऐसा करने से दोनों क्षेत्रों की जरूरत पूरी हो सकेगी।
राजस्थानी में अभी भी कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत हो रही है । दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आपूर्ति व्यवस्था पहले की तरह सामान्य नहीं हो पाई है । उसका सीधा असर होटल ,रेस्टोरेंट, छोटे ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है । कारोबार चौपट होने की कगार पर है, जिससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है। इसे देखते हुए होटल क्षेत्र को 9%, रेस्टोरेंट और कैटरिंग को भी समान आपूर्ति, ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडरों को 7% आपूर्ति की जाएगी । उद्योगों में फार्मा और फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री, फीड व  सीड प्रोसेसिंग क्षेत्र को 5% और कई अन्य उद्योगों को भी इतनी ही मात्रा में सिलेंडर दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा ।  और इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने संस्थाओं और प्रतिष्ठानों को अस्थाई रूप से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने के लिए भी  प्रोत्साहित  किया है । जिससे गैस की उपलब्धता का संतुलन बनाए रखा जा सके । यह नई व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी।  जिससे आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी आम आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रूप से जारी रखा जा सके।

मध्यप्रदेश में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को राहत देते हुए खाद्य विभाग ने व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। इससे प्रदेश के करीब 50 हजार होटल-रेस्टोरेंट को फायदा मिलेगा।

इस फैसले का उद्देश्य होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने में मदद करना है। व्यावसायिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होने से कारोबारियों को संचालन में आसानी होगी।

खाद्य विभाग के अनुसार, यह निर्णय खासतौर पर छोटे और मध्यम स्तर के होटल-रेस्टोरेंट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उन्हें गैस की कमी जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

जानकारी के मुताबिक, सिर्फ शहर में ही करीब दो हजार होटल-रेस्टोरेंट इस फैसले से प्रभावित होंगे। पहले गैस आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों के कारण कई संचालकों को परेशानी हो रही थी, जो अब दूर होने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से होटल-रेस्टोरेंट उद्योग को मजबूती मिलेगी और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

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