चैत्र अमावस्या 2026: कब है 18 या 19 मार्च:संवत की अंतिम अमावस्या–सुख शांति हेतु करें उपाय

khabar pradhan

संवाददाता

17 March 2026

अपडेटेड: 11:07 PM 0thGMT+0530

चैत्र अमावस्या 2026: कब है 18 या 19 मार्च:संवत की अंतिम अमावस्या–सुख शांति हेतु करें उपाय


17 मार्च 2026

चैत्र अमावस्या वर्ष की अंतिम अमावस्या– इसके साथ ही शुरू होता है नया संवत वर्ष:

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत अधिक महत्व होता है। और चैत्र मास में पढ़ने वाली अमावस्या को चैत्र अमावस्या कहा जाता है।  चैत्र अमावस्या संवत की अंतिम अमावस्या होती है । क्योंकि इसकी समाप्ति के साथ ही नया संवत वर्ष शुरू हो जाता है।
इसी कारण यह अमावस्या तिथि बेहद खास मानी जाती है।

चैत्र अमावस्या कब है:
हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 18 मार्च बुधवार को प्रारंभ हो रही है। अमावस्या तिथि बुधवार को  सुबह 8:26 पर शुरू होकर 19 मार्च गुरुवार सुबह 6:53 तक रहेगी।
ऐसे में 18 मार्च को चैत्र अमावस्या मानी जाएगी।
अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण पिंडदान या उपाय दोपहर के समय किए जाते हैं।
इस वजह से चैत्र अमावस्या 18 मार्च को दोपहर के समय पितृ कर्म करना उचित रहेगा।

चैत्र अमावस्या पर क्या करें:
इस दिन सुबह जल्दी उठकर निवृत्ति हो पितरों का पिंडदान या तर्पण किया जाता है।
जिसके लिए किसी पवित्र नदी या जलाशय में स्नान कर पितृ कर्म करते हैं।
1..यदि पवित्र नदी या जलाशय पर जाना संभव न  हो तो घर में पानी में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें । इसके पश्चात पितरों के निमित्त पिंडदान या तर्पण करें। इसके लिए पितरों को याद करते हुए अपने सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं । भोजन का एक हिस्सा गाय, कौवे को अवश्य दें।
ऐसी मान्यता है कि चैत्र अमावस्या पर पितरों के निमित्त उपाय करने से पितृ दोष दूर होता है और पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।
2..अमावस्या पर पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करना चाहिए क्योंकि ऐसी मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है। इसके पश्चात देसी घी का दीप जलाकर पितरों का स्मरण करें। इस उपाय से हमारे पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं और परिवार के सदस्यों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
3..चैत्र अमावस्या के दिन गाय या कुत्ते को रोटी देने से भी पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

4.. इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने से कई दोष शांत होते हैं। इस दिन सफेद वस्तुओं के दान से जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है।

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