छिंदवाड़ा हादसे पर मुआवजा नीति को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा :

khabar pradhan

संवाददाता

28 March 2026

अपडेटेड: 11:13 PM 0thGMT+0530

छिंदवाड़ा हादसे पर मुआवजा नीति को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा :


28 मार्च 2026 :
मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा:

मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा बस हादसे के बाद मुआवजा नीति को लेकर सियासत तेज हो गई है।  दरअसल नेता प्रतिपक्ष उमर सिंघार ने भोपाल में प्रेस कांफ्रेंस करके सरकार पर निशाना साधा।  उन्होंने पूछा कि अलग-अलग हादसों में मृतकों के परिजनों को अलग-अलग मुआवजा क्यों दिया जाता है। साथ ही कांग्रेस विधायक दल की ओर से छिंदवाड़ा हादसे में मृतकों के परिवार को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश में मुआवजे को लेकर कोई एक समान नीति नहीं है कहीं एक लाख कहीं 2 लाख कहीं चार या पांच लाख दिए जाते हैं।  उन्होंने सरकार को कहा कि एक स्पष्ट और सामान मुआवजा नीति बनाना चाहिए ।  जिससे सभी पीड़ित परिवारों को बराबर राहत मिल सके।
इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने मांग की मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए मुआवजा मिलना चाहिए । उन्होंने बताया कि उद्योगपतियों को सिंगल विंडो के तहत सभी सुविधाएं मिल जाती है किंतु गरीब परिवारों को मुआवजा के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में 2 लाख छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में चार लाख एमवाय अस्पताल मामले में 5 लाख और छिंदवाड़ा बस हादसे में 8 लाख मुआवजा की राशि निर्धारित की गई है। जो एक समान नीति नहीं है।

छिंदवाड़ा हादसे पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल:
नेता प्रतिपक्ष ने छिंदवाड़ा हादसे को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की सभा में भीड़ जुटाने के लिए दबाव बनाया गया। पिछले 5 वर्षों में प्रदेश में 65000 से ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं दुर्घटनाओं के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है जो गंभीर स्थिति को दर्शाता है ।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन कामों में ज्यादा रुचि देती है । जहां टेंडर और कमीशन जुड़ा होता है और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाता।

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