जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट का दबदबा, तीन पदों पर जीत

khabar pradhan

संवाददाता

28 April 2025

अपडेटेड: 9:03 AM 0thGMT+0530

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट का दबदबा, तीन पदों पर जीत

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट का दबदबा, तीन पदों पर जीत

नीतीश कुमार बने अध्यक्ष, ABVP की नौ साल बाद वापसी

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव 2024-25 के परिणाम 28 अप्रैल 2025 को घोषित किए गए। लेफ्ट गठबंधन ने तीन प्रमुख पदों पर जीत हासिल की, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने नौ साल बाद संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज कर वापसी की।
लेफ्ट के नीतीश कुमार (AISA) ने 1,702 वोटों (21.5%) के साथ अध्यक्ष पद जीता। उपाध्यक्ष पद पर डीएसएफ की मनीषा ने 1,150 वोटों (14.5%) के साथ कब्जा जमाया, जबकि महासचिव पद पर मुन्तेहा ने जीत हासिल की। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के वैभव मीणा ने जीत दर्ज की, जो संगठन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
चुनाव में कुल 7,926 वोट डाले गए, जिसमें लेफ्ट गठबंधन ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी। ABVP ने संयुक्त सचिव पद पर जीत के साथ यह संदेश दिया कि वह जेएनयू के छात्र राजनीति में अपनी उपस्थिति को फिर से स्थापित करने की कोशिश में है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई। ABVP ने लेफ्ट पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया, जबकि लेफ्ट ने ABVP पर छात्रों को भटकाने का इल्जाम लगाया। इसके बावजूद, मतगणना शांतिपूर्ण रही और परिणामों को सभी पक्षों ने स्वीकार किया।
जीत के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता छात्रों के हितों की रक्षा और कैंपस में समावेशी माहौल बनाए रखना होगा। दूसरी ओर, ABVP ने अपनी जीत को छात्रों के बीच बढ़ते समर्थन का प्रतीक बताया और भविष्य में और मजबूती से उभरने का दावा किया।
यह चुनाव जेएनयू की छात्र राजनीति में विचारधाराओं के टकराव का एक और अध्याय साबित हुआ। लेफ्ट की जीत ने उनकी वैचारिक पकड़ को मजबूत किया, वहीं ABVP की वापसी ने कैंपस में नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा किया।

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