जेल में बंद अपराधियों की सोच सकारात्मक बनाने के प्रयास हों: राज्यपाल

khabar pradhan

संवाददाता

24 February 2026

अपडेटेड: 2:18 PM 0thGMT+0530

सजा के साथ सुधार और पुनर्वास पर दिया जाए जोर।
भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जेल-गृह विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि जेलों में बंदियों को केवल दंड देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके सुधार और पुनर्वास के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्पादक और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम होना जरूरी है।

परिवारों के आर्थिक सहयोग की दिशा में भी प्रयास।
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि जेलों में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, जिनसे बंदियों के परिवारों को भी आर्थिक सहायता मिल सके। इसके लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और उत्पादन आधारित योजनाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

पुनर्वास को बहुआयामी रूप देने की जरूरत।
बैठक में कहा गया कि पुनर्वास योजनाओं को समग्र और बहुआयामी स्वरूप में लागू किया जाए, ताकि बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

दया याचिकाओं के लिए एसओपी तैयार।
अपर मुख्य सचिव (गृह) शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का परीक्षण किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों की लंबित याचिकाओं की भी समीक्षा की जा रही है और इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जा रही है।

जेलों में आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की जेलों में गीता पाठ सहित विभिन्न आध्यात्मिक और सकारात्मक कार्यक्रमों का ऑनलाइन प्रसारण भी किया जा रहा है, जिससे बंदियों के मानसिक और नैतिक विकास में मदद मिल सके।

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