तमिलनाडु/विधानसभा चुनाव/भाजपा का AIDMK गठबंधन में भाजपा की बड़ी शर्त:

khabar pradhan

संवाददाता

9 January 2026

अपडेटेड: 1:54 PM 0thGMT+0530

तमिलनाडु/विधानसभा चुनाव/भाजपा का AIDMK गठबंधन में भाजपा की बड़ी शर्त:


तमिलनाडु/विधानसभा चुनाव/भाजपा का AIDMK गठबंधन में भाजपा की बड़ी शर्त:

बीजेपी ने पिछले साल ही तमिलनाडु में जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके (ऑल इंडिया अन्‍ना द्रविड़ मुन्‍नेत्र कड़गम) की अगुवाई में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था…साल 2026 के आगाज और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तमिलनाडु दौरे के बाद दोनों दलों के बीच अब गठबंधन, सीट शेयरिंग और पावर शेयरिंग फॉर्मूले पर बातचीत शुरू हो गई है… बुधवार की रात एआईएडीएमके के महासचिव पूर्व सीएम एडप्पाडी पलानीस्वामी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मीटिंग हुई है…कुछ रिपोर्टस् दावा कर रहीं है कि इस मीटिंग में अमित शाह ने बीजेपी की स्थिति को साफ कर दिया…

बीजेपी ने 234 विधानसभा सीटों वाले तमिलनाडु में अपने लिए 56 सीटें मांगी हैं… और बीजेपी ने राज्य में सरकार बनने पर तीन मंत्री बनाने की शर्त रखी है…साथ ही इन सीटों में बीजेपी अपने कुछ सहयोगी दलों को भी एडजस्ट करना चाहती है… यानी सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी भी इस गणित का हिस्सा होंगे।

सूत्रों के मुताबिक इन सहयोगियों में AIADMK के बागी नेता ओ. पन्नीरसेल्वम और टी. टी. वी. दिनाकरन के नेतृत्व वाले गुट शामिल हो सकते हैं…. इसके अलावा बीजेपी के कुछ छोटे सहयोगी दल भी हैं, जो पहले NDA का हिस्सा रह चुके हैं… जिनमें पुथिया तमिलगम जैसे छोटे संगठन और अन्य क्षेत्रीय दल शामिल बताए जा रहे हैं…

गठबंधन का दूसरा पहलू:
  जरा गठबंधन की दूसरी अहम कड़ी पर नजर डालें तो PMK, यानी पट्टाली मक्कल काची…रामदास के बेटे और पार्टी प्रमुख अंबुमणि रामदास बुधवार को AIADMK के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो चुके हैं।  PMK की एंट्री से गठबंधन की सामाजिक समीकरणों में बदलाव माना जा रहा है। विशेष रूप से वन्नियार वोट बैंक को लेकर । ऐसे में अब अगर पिछले विधानसभा चुनावों की तस्वीर देखें तो…साल 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में DMK को 133 सीटें मिली थीं और पार्टी सत्ता में आई थी। AIADMK को सिर्फ 66 सीटों से संतोष करना पड़ा। BJP ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी….NDA में शामिल PMK को 5 सीटें मिली थीं…वहीं DMK की सहयोगी कांग्रेस 18 सीटें जीतने में सफल रही थी। यानि तमिलनाडु में मुकाबला आसान नहीं है और हर सीट का गणित बेहद संवेदनशील है।

अब सवाल उठता है—AIADMK का रुख क्या है?
AIADMK के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री ई. के. पलानीस्वामी ने इस बैठक में BJP को लेकर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं जताई। बताया जा रहा है कि पलानीस्वामी ने अमित शाह से साफ कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा और सलाह-मशविरा जरूरी है। एक वरिष्ठ AIADMK नेता के हवाले से ये भी कहा जा रहा है कि पलानीस्वामी का मानना है कि अगर इस तरह की सीट शेयरिंग या समझौते का संकेत अभी दिया गया, तो यह चुनावी रूप से नुकसानदायक हो सकता है…उनका तर्क है कि तमिलनाडु के मतदाता इसे आसानी से स्वीकार नहीं करेंगे… इतना ही नहीं, इससे विपक्ष को ये कहने का मौका मिल जाएगा कि“AIADMK की जीत का मतलब तमिलनाडु में BJP का शासन…”यानी AIADMK इस बात को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रही है कि कहीं उसका क्षेत्रीय चेहरा कमजोर न पड़ जाए।


क्या DMDK होगी NDAमें शामिल:

इस पूरे घटनाक्रम में एक और दिलचस्प मोड यह है कि BJP ने यह ऑफर ऐसे वक्त पर दिया है जब चर्चा है कि दिवंगत अभिनेता-राजनेता विजयकांत की पार्टी DMDK एक बार फिर NDA में शामिल हो सकती है…खबरों के मुताबिक, 9 जनवरी को होने वाली DMDK की बैठक को इस बड़े ऐलान के लिए अहम माना जा रहा है…अगर DMDK NDA में लौटती है, तो तमिलनाडु की सियासत में समीकरण और ज्यादा जटिल हो सकते हैं…तो कुल मिलाकर तस्वीर क्या कहती है?BJP ज्यादा सीटें चाहती है, AIADMK सोच-समझकर कदम रखना चाहती है, और सहयोगी दलों की एंट्री से गठबंधन की राजनीति और पेचीदा हो गई है।

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