दतिया में सनसनी: बीजेपी पार्षद कल्लू कुशवाहा की गोली मारकर हत्या.
संवाददाता
1 April 2026
अपडेटेड: 3:17 PM 0stGMT+0530
1 अप्रैल 2026
दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया शहर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मंगलवार सुबह वार्ड नंबर 1 के बीजेपी पार्षद कल्लू कुशवाहा की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव और सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
कैसे हुई वारदात?
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे की है। पार्षद कल्लू कुशवाहा अपनी दिनचर्या के मुताबिक चौराहे पर टहलने आए थे। उनके साथ उनके दो साथी भी मौजूद थे।
तभी अचानक तीन हमलावर वहां पहुंचे और उन्होंने पार्षद को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने दो राउंड फायर किए। एक गोली कल्लू कुशवाहा के सिर में लगी और दूसरी उनकी पीठ में। गोली लगते ही वे वहीं गिर पड़े और हमलावर तुरंत मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद मृतक के भाई शेरू कुशवाहा की शिकायत पर पुलिस ने 6 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
गोलू कुशवाहा (झिर का बाग), सुधीर कुशवाहा (हरदौल का मोहल्ला) , पंकज उर्फ छोटू कुशवाहा (राधासागर), उमेश कुशवाहा (सेंवढ़ा चुंगी), साहब सिंह यादव (सिरौल), प्रवीण वाल्मीकि (रिछरा फाटक)
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आ रही है कि मुख्य आरोपी छोटू कुशवाहा और सुधीर कुशवाहा ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है, हालांकि अभी तक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।
पुलिस की कार्रवाई और सीसीटीवी जांच
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों के भागने के रूट और वारदात की पूरी कड़ियाँ जोड़ी जा सकें। शुरुआती तौर पर पुलिस इसे आपसी रंजिश का मामला मानकर जांच कर रही है।
एक जनप्रतिनिधि की सरेआम हत्या से शहर में हड़कंप मच गया है।दतिया पुलिस का कहना है कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल सीसीटीवी और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पैरोल पर रिहा थे कल्लू कुशवाहा:
SDOP आकांक्षा जैन के अनुसार कल्लू कुशवाहा पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। एसडीओपी जैन ने बताया कि कल्लू कुशवाहा ने 12 दिसंबर 2016 को इसी वार्ड के पार्षद बालकिशन कुशवाहा की हत्या कर दी थी। इस मामले में न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में वह पैरोल पर रिहा होकर घर आया। इसके बाद उसे निर्विरोध पार्षद भी चुना गया। शुरुआती जांच में पुलिस इस घटना को वर्चस्व की पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रही है।
4 महीने पहले ही जेल से छूट कर आया था कल्लू कुशवाहा:
कल्लू कुशवाहा वर्ष 2022 में भाजपा के टिकट पर निर्विरोध पार्षद चुना गया था। 18 फरवरी 2025 को दतिया कोर्ट ने पूर्व पार्षद बालकिशन कुशवाहा हत्याकांड में कल्लू समेत 6 लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। मामला हाई कोर्ट पहुंचने पर उसे जमानत मिल गई थी और वह करीब 4 महीने पहले ही जेल से बाहर आया था।