दाहोद में पीएम मोदी की हुंकार, आत्मनिर्भरता का नया मंत्र

khabar pradhan

संवाददाता

26 May 2025

अपडेटेड: 10:53 AM 0thGMT+0530

दाहोद में पीएम मोदी की हुंकार, आत्मनिर्भरता का नया मंत्र

दाहोद में पीएम मोदी की हुंकार, आत्मनिर्भरता का नया मंत्र

‘भारत में बनाएं, भारत को बनाएं!’:

गुजरात के दाहोद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने जोशीले अंदाज में देश को आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज हम 140 करोड़ भारतीय मिलकर अपने देश को विकसित भारत बनाने के लिए जी-जान से जुटे हैं। देश की तरक्की के लिए जो कुछ भी चाहिए, उसे हम भारत में ही बनाएं। यह आज के समय की मांग है!” यह बयान न केवल भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि भारत अब वैश्विक मंच पर अपनी ताकत और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ रहा है। आइए, इस बयान के पीछे की कहानी और इसके सियासी व आर्थिक मायने को करीब से समझते हैं।

आत्मनिर्भर भारत: एक नया संकल्प

पीएम मोदी का यह बयान दाहोद में आयोजित एक जनसभा के दौरान आया, जहां उन्होंने भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब तेजी से मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। “हमारी जरूरत का सामान हो या दुनिया के लिए निर्यात, भारत में बनी चीजें अब वैश्विक बाजार में छा रही हैं,” पीएम ने गर्व के साथ कहा।

उन्होंने दाहोद में रेलवे के लोकोमोटिव प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए बताया कि यह न केवल भारत की औद्योगिक ताकत का प्रतीक है, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं और समुदायों को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं। पीएम ने कहा, “हमारे लोकोमोटिव भारत की बढ़ती शक्ति और क्षमता का प्रतीक बन रहे हैं। इससे हमारे भाई-बहनों को रोजगार मिल रहा है, और यह आत्मनिर्भर भारत का एक ठोस उदाहरण है।”

दाहोद का गौरव: विकास की नई कहानी

दाहोद, जो गुजरात का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र है, पीएम मोदी के इस दौरे से और सुर्खियों में आ गया। उन्होंने दाहोद को विकास की नई मिसाल बताते हुए कहा कि यह शहर अब केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बना रहा है। रेलवे के आधुनिक लोकोमोटिव प्रोजेक्ट्स और अन्य औद्योगिक गतिविधियों ने दाहोद को भारत के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभारा है।

पीएम ने यह भी जोर दिया कि भारत में बनी चीजों को अब दुनिया के कोने-कोने में सराहा जा रहा है। “हमारे देश की बनी हुई चीजें आज दुनिया के हर कोने में पहुंच रही हैं। यह हमारी मेहनत और आत्मविश्वास का नतीजा है,” उन्होंने कहा। यह बयान भारत की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों की सफलता को रेखांकित करता है।

विकसित भारत का सपना: 140 करोड़ का संकल्प

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर भारतीय का सपना है कि हमारा देश विकसित भारत बने। “आज हम सब मिलकर इस लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। देश की तरक्की के लिए जो कुछ भी चाहिए, उसे हम भारत में ही बनाएंगे। यह हमारा संकल्प है,” उन्होंने हुंकार भरी।

इस बयान ने न केवल दाहोद की जनता में जोश भरा, बल्कि यह देश भर के लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गया। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान की खूब चर्चा हो रही है। एक यूजर ने लिखा, “पीएम मोदी का यह संदेश हर भारतीय के लिए गर्व का पल है। भारत में बनाएं, भारत को बनाएं!” एक अन्य यूजर ने कहा, “दाहोद से शुरू हुआ यह संकल्प पूरे देश को नई दिशा देगा।”

मैन्युफैक्चरिंग का नया दौर

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब तेजी से मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है। रेलवे, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, और अन्य क्षेत्रों में भारत की प्रगति ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान खींचा है। दाहोद का लोकोमोटिव प्रोजेक्ट इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ वैश्विक मांग को भी पूरा कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि मेक इन इंडिया के तहत शुरू किए गए प्रयासों ने छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

सियासी मायने: विपक्ष को जवाब

पीएम मोदी का यह बयान न केवल आर्थिक, बल्कि सियासी दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। विपक्ष अक्सर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाता रहा है, लेकिन पीएम ने अपने इस संबोधन में साफ कर दिया कि भारत अब आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। दाहोद जैसे छोटे शहरों में बड़े प्रोजेक्ट्स और रोजगार के अवसर इस बात का सबूत हैं कि सरकार का फोकस समावेशी विकास पर है।

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