दोस्ती की आड़ में दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन का दबाव: भोपाल में kerala file’s

khabar pradhan

संवाददाता

24 February 2026

अपडेटेड: 1:13 PM 0thGMT+0530

दो पीड़िताओं की शिकायत के बाद सामने आया पूरा गैंग।
भोपाल में युवतियों को दोस्ती, नौकरी और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। दो पीड़िताओं की शिकायत के आधार पर बाग सेबनिया थाने में पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले के सामने आते ही शहर में सनसनी फैल गई और कई नए पहलुओं पर पुलिस की नजर है।

ये हैं मामले में नामजद सभी आरोपी।
पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में चंदन यादव, अमरीन उर्फ माहिरा, उसकी बहन आफरीन, बिलाल, जावेद और अन्य सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से युवतियों को निशाना बनाता था और उन्हें अपने जाल में फंसाकर शोषण करता था।

सोशल मीडिया और दोस्ती से बनाया भरोसा।
पीड़िताओं ने बताया कि आरोपियों ने पहले सोशल मीडिया और जान-पहचान के जरिए दोस्ती बढ़ाई। इसके बाद शादी और नौकरी का भरोसा देकर उन्हें परिवार से दूर किया गया। धीरे-धीरे विश्वास जीतकर उन्हें अपने प्रभाव में लिया गया और मानसिक दबाव बनाया गया।

नौकरी का लालच देकर घर पर रखा, फिर किया शोषण।
एक पीड़िता के अनुसार उसे अच्छी नौकरी और वेतन का लालच देकर आरोपी के घर रखा गया। शुरुआत में सामान्य व्यवहार किया गया, लेकिन बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर धमकियां दी गईं और परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई।

धर्म परिवर्तन और शादी के लिए बनाया दबाव।
पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उनसे मुस्लिम युवक से शादी करने और धर्म परिवर्तन करने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। आरोप है कि उन्हें धार्मिक तौर-तरीके अपनाने और नाम बदलने के लिए भी कहा गया। इंकार करने पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई।

जनवरी में खुला राज, रिश्तेदारों को बताई पूरी कहानी।
एक पीड़िता जनवरी में अपने रिश्तेदारों के पास पहुंची और पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क कर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है और अन्य की तलाश जारी है।

जांच के बाद सामने आएंगे और तथ्य।
पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और हर पहलू की जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया और संपर्कों की भी जांच हो रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य नाम भी जोड़े जा सकते हैं।

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