नशामुक्त मध्य प्रदेश अभियान: आज से ड्रग्स नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
संवाददाता
1 April 2026
अपडेटेड: 3:18 PM 0stGMT+0530
1 अप्रैल 2026
भोपाल:
पुलिस महानिदेशक ने जारी किए सख्त निर्देश, 6 अप्रैल तक सभी पुलिस अधीक्षकों से मांगी कार्ययोजना
मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ एक निर्णायक जंग की शुरुआत हो गई है। 1 अप्रैल से पूरे राज्य में ‘नशा मुक्त मध्य प्रदेश’ अभियान का आगाज किया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा ने प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला कप्तानों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि नशा तस्करी के स्रोतों, सप्लाई चेन और इसके मुख्य सरगनाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाए। डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों से 6 अप्रैल तक की विस्तृत कार्ययोजना मांगी है, ताकि इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।
टेक्नोलॉजी और साइबर निगरानी से टूटेगा तस्करों का जाल
इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत आधुनिक तकनीक और साइबर सेल की सक्रियता होगी। पुलिस अब केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी ड्रग्स की सप्लाई और खरीद-फरोख्त पर नजर रखेगी। सभी जिलों की तकनीकी सेल को सक्रिय कर दिया गया है ताकि ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले वीपीएन (VPN) और अन्य डिजिटल माध्यमों को ट्रैक किया जा सके।
नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर के माध्यम से जिला स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसमें विभिन्न विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि एक समन्वित और ठोस कार्रवाई की जा सके। सरकार का लक्ष्य केवल तस्करी रोकना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
मालवा, निमाड़ और विंध्य क्षेत्र पर पुलिस का विशेष फोकस
सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट
नशे के कारोबार के लिहाज से मालवा, निमाड़ और विंध्य क्षेत्र को ‘हॉटस्पॉट’ माना गया है, इसलिए यहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ये क्षेत्र अन्य राज्यों की सीमाओं से लगे होने के कारण तस्करी के प्रति काफी संवेदनशील हैं। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से छापेमारी और धरपकड़ की जाए।
यह पूरा अभियान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस विजन के अनुरूप चलाया जा रहा है, जिसमें 1 अप्रैल से मादक पदार्थों के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य अब छोटे नशेड़ियों को पकड़ने तक सीमित न रहकर, इस पूरे काले कारोबार की जड़ तक पहुंचना और उसे उखाड़ फेंकना है।