नेशनल हेराल्ड केस: ईडी ने कोर्ट में कहा – सोनिया और राहुल गांधी ने अपराध की आय से कमाए 142 करोड़ रुपए…
संवाददाता
21 May 2025
अपडेटेड: 9:57 AM 0stGMT+0530
नेशनल हेराल्ड केस: ईडी ने कोर्ट में कहा - सोनिया और राहुल गांधी ने अपराध की आय से कमाए 142 करोड़ रुपए:
नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को चौथी सुनवाई हुई. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में दावा किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने इस मामले में अपराध की आय से 142 करोड़ रुपए की कमाई की है. ईडी की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि दोनों आरोपी तब तक इस रकम का आनंद उठाते रहे जब तक कि ईडी ने नवंबर 2023 में 751.9 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त नहीं कर ली.
ईडी का बड़ा आरोप: सोनिया-राहुल पर पहली नजर में बनता है केस:
एएसजी एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पक्षों ने आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से संपत्ति अर्जित की है. उन्होंने कहा कि “पहली नजर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ मामला बनता है”, क्योंकि उन्होंने अपराध की आय से लाभ उठाया है. ईडी के मुताबिक, इन दोनों नेताओं ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के जरिए वित्तीय अनियमितताएं कीं.
ईडी की इन दलीलों के बाद कोर्ट ने इस मामले की 2 जुलाई से 8 जुलाई तक रोजाना सुनवाई करने का आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और इसकी बारीकी से सुनवाई जरूरी है.
अदालत की सतर्कता: आरोपियों को पक्ष रखने का पूरा मौका:
इससे पहले, 8 मई की सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि “बिना आरोपियों का पक्ष सुने, कार्रवाई नहीं की जा सकती”. स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि सभी आरोपियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन चूंकि नोटिस हाल ही में (8 मई को) भेजे गए थे, इसलिए 21 और 22 मई को पहले उनका पक्ष सुना जाएगा.
इससे पहले 2 मई को कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि “किसी भी स्तर पर सुने जाने का अधिकार निष्पक्ष सुनवाई की आत्मा होता है.” वहीं 25 अप्रैल को कोर्ट ने ईडी को चार्जशीट में कुछ गायब दस्तावेजों को दाखिल करने का निर्देश भी दिया था और नोटिस जारी करने से मना कर दिया था.
केस की पृष्ठभूमि: 2012 से चल रहा है मामला:
नेशनल हेराल्ड मामला 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर शुरू हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनकी निकटवर्ती कंपनियों ने AJL की संपत्तियों पर अवैध कब्जा किया और उसका व्यावसायिक लाभ उठाया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यंग इंडियन कंपनी के जरिए कांग्रेस फंड्स का दुरुपयोग हुआ.
मामले की जांच पहले आयकर विभाग द्वारा की गई, बाद में ईडी ने इसमें मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. अब जब ईडी ने आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूतों के आधार पर अदालत में दलीलें दी हैं, तो यह केस एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी रूप से चर्चा में आ गया है.