पहलगाम आतंकी हमला: अमित शाह का फोन, ओवैसी सर्वदलीय बैठक में शामिल

khabar pradhan

संवाददाता

24 April 2025

अपडेटेड: 1:39 PM 0thGMT+0530

पहलगाम आतंकी हमला: अमित शाह का फोन, ओवैसी सर्वदलीय बैठक में शामिल

पहलगाम आतंकी हमला: अमित शाह का फोन, ओवैसी सर्वदलीय बैठक में शामिल

छोटी पार्टियों को न्योता देने की मांग

हैदराबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार, 25 अप्रैल 2025 को संसद भवन में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं ओवैसी को फोन कर बैठक में भाग लेने का निमंत्रण दिया। ओवैसी ने इस कॉल की पुष्टि करते हुए कहा, “गृह मंत्री ने मुझे फोन किया और पूछा कि मैं कहां हूं। उन्होंने कहा कि देर हो रही है, जल्द से जल्द दिल्ली पहुंचकर बैठक में शामिल हो जाओ।”
बैठक से पहले ओवैसी की नाराजगी
इससे पहले, ओवैसी ने सर्वदलीय बैठक में छोटी पार्टियों को शामिल न करने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने बुधवार रात संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से बात की थी, जिन्होंने बताया कि सरकार केवल 5 या 10 सांसदों वाली पार्टियों को ही बुलाने पर विचार कर रही है। ओवैसी ने इस पर सवाल उठाया कि छोटी पार्टियों को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। रिजिजू ने मजाक में कहा कि ओवैसी की आवाज वैसे भी बहुत तेज है, लेकिन ओवैसी ने इसे “लोकतांत्रिक नहीं” करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह BJP या किसी अन्य पार्टी की आंतरिक बैठक नहीं है। यह आतंकवाद और उसे पनाह देने वाले देशों के खिलाफ एकजुट संदेश देने के लिए सर्वदलीय बैठक है। क्या नरेंद्र मोदी एक घंटा अतिरिक्त नहीं दे सकते?”
छोटी पार्टियों को शामिल करने की अपील
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि संसद में एक भी सांसद वाली सभी पार्टियों को बैठक में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा, “BJP के पास बहुमत नहीं है। चाहे 1 सांसद वाली पार्टी हो या 100, सभी को भारतीयों ने चुना है। यह राष्ट्रीय मुद्दा है, न कि राजनीतिक। सभी की आवाज सुनी जानी चाहिए।” AIMIM के पास लोकसभा में केवल एक सांसद (ओवैसी) हैं, जिसके कारण शुरू में उन्हें निमंत्रण नहीं मिला था।
पहलगाम हमले पर ओवैसी का बयान
पहलगाम के बैसारन मीडोज में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसमें दो विदेशी (नेपाल और UAE) और दो स्थानीय लोग शामिल थे। ओवैसी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “खुफिया विफलता” करार दिया। उन्होंने कहा, “आतंकियों ने धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मारा। यह पुलवामा और उरी से भी ज्यादा दर्दनाक और निंदनीय है। यह एक नरसंहार है।” ओवैसी ने सरकार से आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले का मकसद कश्मीर के पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंचाना है।
सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य
सर्वदलीय बैठक का आयोजन गुरुवार शाम 6 बजे संसद भवन में किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसकी अध्यक्षता करेंगे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेता विभिन्न दलों को हमले की जानकारी देंगे और उनके विचार सुनेंगे। बैठक का मकसद आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख प्रदर्शित करना और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करना है।
पहलगाम हमले के बाद देश में आक्रोश
पहलगाम हमले के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए। श्रीनगर में दुकानदारों ने काले झंडे लगाए, जबकि दिल्ली और तेलंगाना में यूथ कांग्रेस ने मोमबत्ती जलाकर और पाकिस्तानी झंडे जलाकर विरोध दर्ज किया। होटल मालिकों और स्थानीय लोगों ने भी कश्मीर में शांति की अपील की। केंद्र सरकार ने इस हमले के जवाब में कई सख्त कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तानी नागरिकों को 72 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश, सभी वीजा सेवाओं पर रोक, और इंडस वाटर ट्रीटी को निलंबित करना शामिल है।
ओवैसी की भूमिका और संदेश
ओवैसी ने इस मौके पर राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी दलों को एक साथ आना चाहिए। उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार भी इस मुद्दे पर व्यापक सहमति चाहती है।

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