प्रदेश में संवेदनशील क्षेत्रों की डिजिटल निगरानी तेज, पुलिस तकनीक का ले रही सहारा
संवाददाता
18 February 2026
अपडेटेड: 10:01 AM 0thGMT+0530
प्रदेश में अपराध और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नियंत्रण के लिए पुलिस अब डिजिटल तकनीक का अधिक उपयोग कर रही है। संवेदनशील इलाकों की निगरानी को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक सिस्टम लागू किए जा रहे हैं, जिससे अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस डिजिटल सिस्टम के तहत प्रदेश के 35 जिलों में 1314 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों के साथ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र भी शामिल हैं। शुरुआती चरण में करीब 20 जिलों में इस व्यवस्था पर काम पूरा किया जा चुका है।
इस प्रणाली के माध्यम से पुलिस और प्रशासनिक टीमें संयुक्त रूप से काम करेंगी। संबंधित क्षेत्रों की जियो टैगिंग की जा रही है, जिससे हर स्थान की सटीक लोकेशन दर्ज रहे। इसके अलावा प्रमुख सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
डिजिटल मैपिंग के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के साथ वहां होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस कंट्रोल रूम से तुरंत अलर्ट जारी किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस स्टेशनों को भी अपडेट जानकारी मिलती रहेगी, जिससे किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
नई व्यवस्था के तहत डेटा एकत्र कर उसे विश्लेषण के लिए उपयोग किया जाएगा। इससे अपराध के पैटर्न को समझने और भविष्य में सुरक्षा रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पहल कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में इस डिजिटल निगरानी प्रणाली को प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। इससे पुलिसिंग अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी तथा अपराध नियंत्रण में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।