फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम पर मचा बवाल: ब्राह्मण महासभा का भारी प्रदर्शन:
संवाददाता
7 February 2026
अपडेटेड: 4:59 PM 0thGMT+0530
मनोज बाजपेई की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई है।
किंतु इस फिल्म के नाम को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा रोष उत्पन्न हो गया है और सभी जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं ।कई जगह विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप भी ले लिया है। ब्राह्मण समाज बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए हैं।
भोपाल में भी फिल्म घूसखोर पंडत को लेकर विरोध की आज तेज हो गई है। एमपी नगर जोन -2 में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के बैनर तले प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म निर्माता और कलाकारों के पोस्टरों पर जूते मारकर अपना आक्रोश व्यक्त किया । और फिल्म का नाम तत्काल बदलने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध का तरीका भी बेहद अनोखा रहा ।जहां धोती कुर्ता पहने हुए पंडितों ने हवन पूजन किया और फिल्म निर्माता की शुद्ध बुद्धि की कामना भी की ।श्रइस तरह से उन्होंने अपने आक्रोश को दर्ज कराया ।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फिल्म के आपत्तिजनक संवाद और शीर्षक को तुरंत हटा देना चाहिए ।श्रइसके अलावा चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से नहीं हटाया गया तो यह आंदोलन देशव्यापी रूप लेगा।
मध्य प्रदेश में ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं है बल्कि फिल्म के कलाकारों निर्माता और निर्देशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है।
समाज का कहना है की अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब एक विशेष समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं है । फिल्म की सामग्री और शीर्षक को इस तरह से तैयार करें कि समाज की छवि धूमिल ना हो।
सरकार के मौन पर भी उठाए गए सवाल :
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा है की फिल्म का नाम एक विशेष समुदाय और समाज को बदनाम करने की सोची समझी साजिश है। उत्तर प्रदेश में इसे लेकर FIR भी दर्ज हो चुकी है । लेकिन मध्य प्रदेश सरकार अब तक खामोश है । जब तक प्रदेश में कानूनी कार्रवाई नहीं होती। यह आंदोलन जारी रहेगा।
समाज का आरोप है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जानबूझकर एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है ।
जयपुर में भी इस फिल्म का टीजर जारी होते ही विवादों के घेरे में आ गई है फिल्म फिल्म के शीर्षक को लेकर ब्राह्मण समाज में कड़ा विरोध जताया है और समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। जिस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता
फिल्म निर्माता ने रखा अपना पक्ष:
विवाद बढ़ता देखकर फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने अपना पक्ष रखा है । उन्होंने कहा कि यह काल्पनिक पुलिस ड्रामा है । पंडित शब्द केवल एक पात्र के लिए इस्तेमाल किया गया है । हमारी मंशा किसी भी जाति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं है। हम दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। इसलिए फिल्म की सभी प्रचार सामग्री हटा दी गई है। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि ँफिल्म को पूरा देखने के बाद अपनी कोई राय बनाएं।