“बाबाओं  की नहीं, ईश्वर की शरण में रहें” – कुबेरेश्वर धाम में कथा के दौरान दिया संदेश

khabar pradhan

संवाददाता

17 February 2026

अपडेटेड: 1:33 PM 0thGMT+0530

“बाबाओं  की नहीं, ईश्वर की शरण में रहें” – कुबेरेश्वर धाम में कथा के दौरान दिया संदेश

कुबेरेश्वर धाम सीहोर में आयोजित सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव के अंतर्गत संगीतमय शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि व्यक्ति को बाबाओं के चक्कर में पड़ने के बजाय भगवान शिव की शरण में रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया में मनुष्य सहारे खोजता रहता है, लेकिन परमात्मा के भरोसे जीना नहीं सीख पाता। सच्चा सहारा केवल भगवान ही हैं और भगवान पर किया गया भरोसा कभी व्यर्थ नहीं जाता।

नियमित जाप और जल अभिषेक का संदेश

पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं को शिव भक्ति के लिए प्रेरित करते हुए “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का नियमित जाप करने और श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ का जल अभिषेक करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा से अर्पित किया गया एक लोटा जल भी जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान कर सकता है।

कथा स्थल पर “हर-हर महादेव” के जयघोष लगातार गूंजते रहे। उन्होंने यह भी बताया कि व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार फल मिलता है और ईश्वर से संबंध दिखावे का नहीं बल्कि सच्चे मन और विश्वास का होना चाहिए।

सनातन परंपरा की महिमा का वर्णन

कथा में माता सती के त्याग, तप और शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि सनातन परंपरा में पत्थर में भी परमात्मा को प्रकट करने की शक्ति है और हर जीव में शिव का अंश विद्यमान है।

मंत्री विजयवर्गीय भी हुए शामिल

इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंत्री विजयवर्गीय ने पंडित मिश्रा के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी भक्ति और प्रयासों से सीहोर को नई पहचान मिली है।

कथा का समापन आरती, भजनों और श्रद्धालुओं के जयघोष के साथ हुआ। बड़ी संख्या में लोग आयोजन में लगातार शामिल हो रहे हैं।

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