बिहार के पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप:
संवाददाता
7 February 2026
अपडेटेड: 5:59 PM 0thGMT+0530
आधी रात को किया पप्पू यादव को गिरफ्तार:
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार आधी रात गिरफ्तार कर लिया ।
ये गिरफ्तारी किसी ताजा मामले में नहीं, बल्कि 31 साल पुराने केस में हुई है, जिसने बिहार की सियासत में जबरदस्त हलचल मचा दी है।
आरोप है कि साल 1995 में पप्पू यादव पटना के एक घर में किराए पर रहने पहुंचे थे… पहले उन्होंने वहां अपना दफ्तर खोला और बाद में उस मकान पर कब्जा कर लिया… मकान मालिक की शिकायत पर केस दर्ज हुआ।
अदालत ने इस मामले में कई बार पप्पू यादव को समन भेजा, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने उनकी संपत्ति कुर्क करने और गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश पर पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात पप्पू यादव को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार रात 12:00 के करीब पुलिस उनके पटना वाले मंदिर स्थित आवास पर पहुंची इस दौरान पुलिस और संसद के समर्थकों के बीच जमकर बहस हुई।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी भी की।
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी पप्पू यादव की तबीयत:
लेकिन गिरफ्तारी के बाद मामला और गर्मा गया, क्योंकि सांसद की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस पहले उन्हें IGIMS लेकर गई और फिर आज सुबह PMCH शिफ्ट किया गया।
पप्पू यादव का आरोप:
पप्पू यादव का कहना है कि उनके पास ना कोई संबंध था ना कोई वारंट और फिर क्यों गिरफ्तार करने आए थे दीपक नाम का व्यक्ति सिविल ड्रेस में आया था और क्रिमिनल जैसा व्यवहार कर रहा था।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारी सिविल ड्रेस में थे और उनकी खराब सेहत के बावजूद जबरन कार्रवाई की गई।
उनके निजी सचिव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सांसद को पूरी रात स्ट्रेचर पर रखा गया, उन्हें उचित इलाज तक नहीं मिला। वहीं पुलिस इन आरोपों से इनकार कर रही है…
पप्पू यादव के वकील ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस केस में सांसद पहले ही जमानत पर थे और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना सीधे कुर्की और गिरफ्तारी की गई।
अब सवाल ये है कि आगे क्या होगा? आज पप्पू यादव को अदालत में पेश किया जाएगा… उनकी लीगल टीम जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी में है… अगर जमानत मिलती है तो राहत मिलेगी, वरना जेल या अस्पताल के कैदी वार्ड में रहना पड़ सकता है… फिलहाल बिहार की राजनीति की नजरें आज की कोर्ट पेशी पर टिकी हुई हैं…