बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान: केंद्र सरकार ने राज्यों से मांगी रिपोर्ट

khabar pradhan

संवाददाता

6 April 2026

अपडेटेड: 7:07 PM 0thGMT+0530

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान: केंद्र सरकार ने राज्यों से मांगी रिपोर्ट

6 अप्रैल 2026

नई दिल्ली:
देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। रबी की फसलें, जो कटने के लिए तैयार थीं, इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब इस पर कड़ा संज्ञान लिया है।

शिवराज सिंह चौहान ने संभाला मोर्चा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खराब मौसम से हुए नुकसान की व्यापक समीक्षा की है। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित राज्यों के साथ लगातार संपर्क में रहें और जमीनी स्तर पर हुए नुकसान का सटीक आकलन करें।

कृषि मंत्री अगले एक-दो दिनों में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य फसल क्षति की वास्तविक स्थिति जानना और राहत कार्यों पर चर्चा करना है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार करें ताकि किसानों की मदद की जा सके।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा तबाही
बेमौसम की इस मार ने उत्तर और मध्य भारत के किसानों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश में फसलों को काफी नुकसान पहुँचा है।

मध्य प्रदेश: ग्वालियर जिले के घाटीगांव किन्नौर और भितरवार क्षेत्र में वर्षा से गेहूं की फसल भीग गई, जिससे दाने काले पड़ने की आशंका है l यहां 1.5 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई थी करीब 45000 हेक्टेयर में कटाई हो चुकी हैl दतिया जिले के सेवाड़ा क्षेत्र, शिवपुरी के पिछोर और बदरवास क्षेत्र मुरैना के सबलगढ़ और जावरा, भिंड में लहार क्षेत्र  छतरपुर में नौगांव, राजनगर क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई है lजिससे गेहूं की फसल खेतों पर बीच गई हैl
महाराष्ट्र: यहाँ गेहूं की खड़ी फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। कई जगहों पर फसल पककर तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने उसे बिछा दिया।
उत्तर प्रदेश: राज्य के कई जिलों में हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद होने की खबर है, जिससे किसानों में भारी चिंता है।

मशीनें थमीं, मंडियों तक पहुँचना हुआ मुश्किल
बारिश और खेतों में पानी भरने की वजह से मशीनों से कटाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है। जलजमाव के कारण फसल को मंडी तक ले जाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे अनाज की आवक में देरी होने की आशंका है।
अगले कुछ दिन और भारी: मौसम विभाग की चेतावनी
राहत मिलने की उम्मीद अभी कम है। मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 10 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने वाला है। इसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की नई लहर आ सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह:
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जहाँ फसल तैयार है, किसान मौसम साफ होते ही उसकी तुरंत कटाई कर लें।
कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें या तिरपाल से ढकें।
बागवानी फसलों के लिए ओला-रोधी जालका उपयोग करने का सुझाव दिया गया है।
सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि संकट की इस घड़ी में वे किसानों के साथ हैं और नुकसान की भरपाई के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

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