भक्ति और परंपरा का संगम: बड़वाले महादेव मंदिर में मां गौरा की मुंह दिखाई
संवाददाता
21 February 2026
अपडेटेड: 12:54 PM 0stGMT+0530
परंपरागत उत्साह के साथ हो रहे शिव-गौरा विवाह के अनुष्ठान
शहर के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में भगवान शिव और मां गौरा के विवाह से जुड़े सभी अनुष्ठान पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में हर दिन भजन, पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जिससे भक्तों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है।
शनिवार को दुल्हन स्वरूप मां गौरा की मुंह दिखाई रस्म
इसी क्रम में शनिवार को माता गौरा के दुल्हन स्वरूप की मुंह दिखाई की विशेष रस्म आयोजित की जाएगी। इस अनुष्ठान में केवल महिलाएं ही शामिल हो सकेंगी, जबकि पुरुष श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। महिलाएं विधि-विधान से मां गौरा की मुंह दिखाई कर अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
धार्मिक आस्था के साथ जुड़ा महिलाओं का विशेष आयोजन
आयोजकों के अनुसार यह परंपरा महिलाओं की आस्था और श्रद्धा से जुड़ी हुई है। इस दौरान पारंपरिक गीत, मंगलाचार और पूजा के माध्यम से देवी की आराधना की जाएगी, जिससे मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहेगा।
शिव विवाह यात्राओं का आज होगा समापन
शहर के विभिन्न मंदिरों से निकले शिव विवाह कार्यक्रमों और शोभायात्राओं का भी शनिवार को समापन किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण और सामूहिक आरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
मंदिर के प्रमोद नेमा के अनुसार मां गौरा की मुंह दिखाई की परंपरा साल 1998 में शुरू हुई थी। बड़वाले महादेव मंदिर और भवानी मंदिर समिति संयुक्त रूप से शिव विवाह महोत्सव के कार्यक्रम तैयार करती हैं । 21 दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ गणेश पूजन से होता है, और होली के प्रदोष पर इसका समापन होता है ।