भारत अमेरिका ट्रेड डील-विपक्ष ने लगाए आरोप-प्रधानमंत्री  ने किया स्वागत:

khabar pradhan

संवाददाता

4 February 2026

अपडेटेड: 1:55 PM 0thGMT+0530

भारत अमेरिका ट्रेड डील-विपक्ष ने लगाए आरोप-प्रधानमंत्री  ने किया स्वागत:

भारत अमेरिका ट्रेड डील पर सहमति होने से भारतीय सामानों पर अमेरिकन टैरिफ 50% से घटकर 18% होने से उद्योग व्यापार और पेशेवर  युवा जगत में खुशी और उत्साह का माहौल दिखाई दिया।  इस डील के कारण शेयर बाजार और डॉलर के मुकाबले रुपए में बड़ा उछाल आया‌  सरकार और सत्तारूढ़ एनडीए ने डील को भारत के लिए लाभकारी और भविष्य की मजबूती वाला कदम बताया।

कृषि और डेयरी सेक्टर से समझौता नहीं-वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल:

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा है कि ट्रेड डील में कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों को संरक्षित किया गया है ।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जामसर ग्रीन ने भी कहा कि भारत कृषि उत्पादों पर संरक्षण बनाए रखेगी‌ । सरकार और सत्तारूढ़  एनडीए के सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए सम्मान किया गया ।


प्रधानमंत्री मोदी ने इसे कूटनीति की बड़ी जीत बताया:

बैठक में मोदी जी ने कहा कि समझौता आने वाले समय में देश के लिए बहुत ही लाभकारी होगा इससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा दुनिया में भारत की पूछ हो रही है हम दुनिया के सेंटर स्टेज में है और यह इस सदी की सबसे बड़ी घटना है।  अमेरिका से डील आने वाले समय में बहुत लाभकारी होगी।  निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।  विपक्षी और कुछ लोग टैरिफ लगने पर टूट पड़े थे।  सरकार ने कहा धैर्य रखा ,जिसका सकारात्मक परिणाम सामने है । यह हमारी कूटनीति की बड़ी जीत है । इससे देश की आर्थिक ताकत और मजबूत होगी।

अमेरिकीराजदूत सेर्जियो गोर की  भूमिका:
चार महीनों से भारत और अमेरिका की ट्रेड डील अटकी हुई थी।  जिसे मुकाम तक पहुंचाने में नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सेर्जियो गौर की अहम भूमिका बताई जा रही है।  सोमवार को मोदी और ट्रंप की बातचीत की पहली जानकारी भी उन्होंने दी । जिसके बाद ट्रंप ने डील पर सहमति की घोषणा की।

राहुल गांधी ने बताया इसे धोखा;

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे धोखा बताते हुए सरकार से सवाल पूछा है और इसे किसानों के हितों से समझौते करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने कहा कि चार माह बाद समझौता अचानक कैसे हो गया। प्रधानमंत्री मोदी दबाव में और घबराए हुए हैं।  उन्हें फंडिंग करने वाले अदानी पर अमेरिका में केस चल रहा है।‌ एपिस्टम फाइल्स में भी बहुत कुछ अभी आना बाकी है । अमेरिका से समझौते में मोदी  झुक गए हैं और देश को बेच दिया है।‌ उन्होंने किसानों की मेहनत और खून पसीने को बेच दिया है।

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