भारत में बनेगा एवरेस्ट तक उड़ान भरने वाला हेलीकॉप्टर, भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
संवाददाता
18 February 2026
अपडेटेड: 4:05 PM 0thGMT+0530
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग एक नए स्तर पर पहुंच गया है, जहां दोनों देशों ने मिलकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट तक उड़ान भरने में सक्षम हेलीकॉप्टर भारत में बनाने का फैसला किया है। यह कदम भारत को उच्च ऊंचाई वाले हेलीकॉप्टर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक ताकत बना सकता है।
आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी
इस परियोजना से आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी, क्योंकि एच125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन भारत में स्थापित की जाएगी। इसे एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सहयोग से कर्नाटक के बेंगलुरु में बनाया जाएगा, जिससे देश में रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी
भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग और मजबूत होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बैठक के बाद यह घोषणा की गई, जिसे वैश्विक राजनीति और रक्षा सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी उपलब्धि
इस हेलीकॉप्टर से पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को नई गति मिलेगी, क्योंकि यह अत्यधिक ऊंचाई और कठिन मौसम में भी बेहतर प्रदर्शन करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सेना, आपदा प्रबंधन और नागरिक सेवाओं के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।
भारत और फ्रांस के बीच अहम समझौते
भारत और फ्रांस के बीच कुल 21 अहम समझौते हुए हैं, जिनमें रक्षा, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग शामिल है। यह समझौते दोनों देशों को नई तकनीकों के विकास और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करेंगे।
रक्षा क्षेत्र की मजबूती बढ़ेगी
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए घातक हैमर मिसाइलों का निर्माण भी अब भारत में किया जाएगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांसीसी कंपनी सफरान के संयुक्त उपक्रम के जरिए यह उत्पादन होगा, जिससे देश की रक्षा क्षमता और मजबूत होगी।
आतंकवाद के खिलाफ एक साथ
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को लेकर भी दोनों देशों ने प्रतिबद्धता दोहराई है। फ्रांस ने भारत को भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ हर मंच पर भारत का साथ जारी रहेगा, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को बल मिलेगा।
स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र साझेदारी बढ़ेगी
स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ेगी, जहां नई दिल्ली के एम्स में इंडो-फ्रेंच हेल्थ और मेटाबॉलिक हेल्थ सेंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही वैज्ञानिकों के कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र भी बनाया जाएगा।
स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026 को ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे युवाओं और उद्यमियों को नई तकनीक और वैश्विक सहयोग के अवसर मिलेंगे।
कुल मिलाकर यह साझेदारी भारत और फ्रांस के संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ रक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सहयोग आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा।