मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: 10 साल से ज्यादा सेवा वाले संविदा कर्मियों को किया जाएगा नियमित:
संवाददाता
31 January 2026
अपडेटेड: 6:15 PM 0stGMT+0530
ढाई लाख संविदा कर्मियों के लिए मोहन सरकार की बड़ी सौगात:
मध्य प्रदेश के करीब ढाई लाख संविदा कर्मियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बड़ी सौगात दी है। सरकार ने संविदा नीति 2023 के तहत नियमितीकरण सेवा सुरक्षा और भत्तों से जुड़ी एक अहम घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 साल से अधिक अनुभव रखने वाले संविदा कर्मियों को नियमित पदों पर नियमित किया जाएगा । यह प्रक्रिया रिक्त पदों में से 50% पदों के लिए रहेगी । उन्होंने यह भी कहा कि आगे इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह संविदा अधिकारी कर्मचारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में कहीं यह सम्मेलन भारतीय मजदूर संघ की ओर से आयोजित किया गया था ।क्षमुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान नीति 2023 को छूते हुए विभागों के साथ ही नगर मंडलों के अधिकारी कर्मचारियों के भी लिए भी लागू करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा टी टीनगर स्थित दशहरा मैदान में मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मंच के राज्य स्तरीय सम्मेलन में की।
इससे हजारों संविदा कर्मियों के लिए एक स्थाई नौकरी का रास्ता खुल गया है ।
इसके साथ ही संविदा कर्मियों को कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता देने और सेवा समाप्ति के मामलों में सीसीए नियम लागू करने पर भी सहमति बन गई है।
ढाई लाख संविदा कर्मी में से 50 हजार होंगे नियमित:
अभी तक जो संविदा अधिकारी या कर्मचारी नियमित पदों के समक्ष संविदा पद पर लगातार 5 साल सेवा पूरी कर चुके हैं ,उनके लिए विभाग में सीधी भर्ती के तहत अधिकतम 50 पद या रिक्त पदों के अनुसार 50% तक नियुक्तियां आरक्षित रखी जाती थी । पर उन्हें भी अन्य अभ्यर्थियों के साथ सीधी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता था और कम से कम 50% कट ऑफ अंक लाना जरूरी था।
इस फैसले का लाभ किसे होगा :
इस फैसले से सरकारी विभागों में कार्यरत उन संविदा कर्मियों को लाभ मिलेगा ,जिन्होंने 10 साल से ज्यादा सेवा पूरी कर ली है । संविदा कर्मचारियों को नियमित सरकारी कर्मचारियों के रूप में शामिल करना यानी नौकरी अब अस्थाई नहीं रहेगी बल्कि स्थाई हो सकेगी।
यह रिक्त नियमित पदों के 50 प्रतिशत हिस्से पर संविलियन होगा यानी जितने पद खाली हैं उनमें आधे पर संविदा कर्मी नियमित होंगे । अभी इनमें से 50 हजार संविदा कर्मियों को लाभ मिलेगा।
संविदा कर्मियों पर भी सीसीए नियम लागू होगा ,जो 1965 से 66 के बीच बनाए गए हैं। इन्हें बिना नोटिस हटाया नहीं जा सकेगा। सेवा समाप्ति से पहले जवाब और सुनवाई का मौका मिलेगा । यानी नौकरी अब ज्यादा सुरक्षित रहेगी।
संविदा कर्मी भी अब नियमित कर्मचारी जैसे अधिकार पा सकेंगे। अब संविदा कर्मियों को दिए सेवा सुरक्षा भविष्य में अन्य लाभ दिए जाएंगे ।
महंगाई भत्ता भी नियमित तौर पर दिया जाएगा।
पहले इन्हें साल में एक बार मूल सूचकांक के आधार पर भत्ता दिया जाता था।
इसके अलावा संविदा नीति 2023 के तहत आगे एनपीएस यानी पेंशन हेल्थ बीमा, अनुकंपा नियुक्ति ,ग्रेच्युटी जैसे लाभ लागू करने पर भी काम होगा।
जिससे इन्हें भविष्य में और भी सुविधा मिल सकेंगी। इसमें पहले नीति में संशोधन होगा और फिर विभागों के अनुसार रिक्त पदों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जो संविदा अधिकारी या कर्मचारी नियमित पदों के समक्ष संविदा पद पर लगातार 5 साल सेवा पूरी कर चुके हैं, उनके लिए विभाग में सीधी भर्ती के तहत अधिकतम 50 पद या रिक्त पदों के 50% तक नियुक्तियां आरक्षित रखी जाती थी । पर उन्हें भी अब भर्तीयों के साथ सीधी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता था और कम से कम 50% कट ऑफ अंक लाना जरूरी था।
इसके पहले संविदा कर्मियों की मांगों का निराकरण करने के लिए राज्य स्तरीय समिति है लेकिन इस समिति के अध्यक्ष सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। सचिव वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं कई विभागों में वर्ष 2023 की संविदा नीति लागू हो चुकी है। इसमें से तीन विभाग ही छूटे हुए हैं। कुछ संगठनों ने कर्मचारियों को यह कह कर बुलाया था कि संविदा कर्मियों के नियमित पदों पर संविलियन की घोषणा होगी ।
जिसके लिए मुख्यमंत्री कर्मचारियों के लिए घोषणा करेंगे।