मप्र में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू, 13 हजार केंद्रों पर एआई से होगी टीबी की पहचान
संवाददाता
25 March 2026
अपडेटेड: 3:39 PM 0thGMT+0530
25 मार्च 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इस अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत प्रदेशभर के 13 हजार से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी (क्षय रोग) की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
अभियान के तहत 100 दिनों के भीतर टीबी मुक्त भारत लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग और जांच की जाएगी। इसमें खासतौर पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मरीजों की पहचान जल्दी और सटीक तरीके से हो सकेगी।
सरकार ने प्रदेश के 13,428 स्वास्थ्य केंद्रों को इस अभियान में शामिल किया है, जहां प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक उपकरणों की मदद से जांच की जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में छिपे हुए टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।
इस पहल में कुपोषण से जूझ रहे मरीजों और कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान मरीजों को न सिर्फ मुफ्त जांच बल्कि आवश्यक दवाइयां और पोषण सहायता भी प्रदान की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार टीबी उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और तकनीक के उपयोग से इस दिशा में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके।
यह अभियान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।