मौनी अमावस्या -2026 कब है – 18 या 19 जनवरी ? जानें सही तिथि , शुभ मुहूर्त और स्नान दान का महत्व:
संवाददाता
16 January 2026
अपडेटेड: 1:55 PM 0thGMT+0530
मौनी अमावस्या का महत्व, शुभ मुहूर्त और धन-स्वास्थ्य-शांति के उपाय:
हिंदू पंचांग के अनुसार मौनी अमावस्या माघ मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। यह दिन स्नान, दान, मौन व्रत और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। वर्ष 2026 में इसे लेकर लोगों में भ्रम है कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को है या 19 जनवरी को? साथ ही लोग यह भी जानना चाहते हैं कि इस दिन धन, स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए कौन-से उपाय करने चाहिए।
मौनी अमावस्या 2026 की सही तिथि:
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• अमावस्या तिथि प्रारंभ: 18 जनवरी 2026, रात 12:03 बजे
• अमावस्या तिथि समाप्त: 19 जनवरी 2026, रात 1:21 बजे
हिंदू परंपरा में त्योहार उदयातिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। इसलिए:
👉 मौनी अमावस्या 2026 को 18 जनवरी (रविवार) को ही मनाई जाएगी।
मौनी अमावस्या का अर्थ और महत्व:
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एक पौराणिक कथा के अनुसार, मनु ऋषि, जिन्हें मानव जाति का आदि पुरुष भी माना जाता हैl उन्होंने इस दिन मौन व्रत रखकर अत्यंत कठोर तपस्या की थी। मनु ऋषि, विष्णु जी के परम भक्त थे। उन्होंने अपनी इंद्रियों पर संयम रखते हुए मौन रहकर भगवान की आराधना की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया और मानव सृष्टि के विस्तार का वरदान दिया । तभी से इस अमावस्या को ‘मौनी अमावस्या’ कहा जाने लगा।
निष्काम भाव से की गई सेवा का फल मधुर होता है, यही मौनी अमावस्या व्रत का लक्ष्य है।
“मौनी” शब्द मौन से बना है, जिसका अर्थ है — वाणी पर संयम।
इस दिन मौन रहकर स्नान, ध्यान और दान करने से:
• मन की अशांति समाप्त होती है
• विचार शुद्ध होते हैं
• आत्मिक ऊर्जा बढ़ती है
इसी कारण यह दिन आध्यात्मिक साधना का विशेष पर्व माना जाता है।
मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व:
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1. पवित्र स्नान:
माघ मास की अमावस्या पर गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है। जो लोग नदी तक न जा सकें, वे घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
2. पितृ तर्पण और दान:
इस दिन पितरों के लिए तर्पण, तिल और जल अर्पित करने से:
• पितृ दोष शांत होता है
• परिवार में सुख-समृद्धि आती है
3. मौन व्रत:
मौन व्रत रखने से:
• मानसिक तनाव कम होता है।
• ध्यान और जप में मन लगता है।
• आत्मिक शांति मिलती है।
मौनी अमावस्या पर धन प्राप्ति के उपाय:
💰 1. तिल और अन्न दान:
सुबह स्नान के बाद:
• काले तिल ,चावल ,गुड़ का दान किसी जरूरतमंद को करें। इससे धन संबंधी रुकावटें दूर होती हैं।
2. पीपल पूजा:
पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं । 7 बार परिक्रमा करें और दीपक जलाएं।
👉 इस उपाय को करने से धन की स्थिरता और कर्ज मुक्ति में सहायक माना जाता है।
3. लक्ष्मी मंत्र जाप:
मौन व्रत में या शांत मन से 108 बार जप करें:
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
यह उपाय आर्थिक समृद्धि बढ़ाता है।
मौनी अमावस्या पर स्वास्थ्य के उपाय:
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🧘♀️ 1. सूर्योदय से पहले स्नान:
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
🧘♀️ 2. सात्विक भोजन:
इस दिन फल दूध और हल्का सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों बेहतर होते हैं।
🧘♀️ 3. महामृत्युंजय मंत्र जाप:
आज के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप108 बार जप करें—
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।”
यह मंत्र दीर्घायु और रोग मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है।
मौनी अमावस्या पर मानसिक शांति के उपाय:
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🕉️ 1. मौन और ध्यान:
कम से कम 2–3 घंटे मौन रखें और श्वास पर ध्यान करें।
इससे मन स्थिर होता है और चित्त की चंचलता समाप्त होती है।
🕉️ 2. दीपक और धूप:
शाम को घर के मंदिर में घी का दीपक जलायें ।साथ ही धूप या गुग्गल को कपूर के साथ जलाकर पूरे घर में घुमाएं। इससे घर का वातावरण सकारात्मक बनता है।
🕉️ 3. क्षमा और संकल्प:
इस दिन मन ही मन पुराने गिले-शिकवे छोड़ें। दूसरों को क्षमा करें।
इससे आंतरिक शांति मिलती है।
मौनी अमावस्या पर क्या न करें:
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❌ क्रोध और विवाद से दूर रहें किसी के साथ छल और कपट ना करें । नशा और तामसिक भोजन से दूर रहे । किसी को भी अपशब्द ना कहें। और नकारात्मक सोच मन में ना लाएं।
मौनी अमावस्या 2026 में 18 जनवरी को मनाई जाएगी।
यह दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि धन वृद्धि, स्वास्थ्य सुधार और मानसिक शांति पाने का श्रेष्ठ अवसर है। यदि इस दिन श्रद्धा, मौन और सेवा भाव के साथ उपाय किए जाएं, तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से आते हैं।