यम द्वितीया पर कलम-दवात पूजन और हवन, भगवान चित्रगुप्त से की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
संवाददाता
6 March 2026
अपडेटेड: 2:39 PM 0thGMT+0530
6 मार्च 2026
भोपाल। भाईदूज (यम द्वितीया) के अवसर पर शहर के मंदिरों में कलम-दवात पूजन और हवन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
राजधानी में कायस्थ समाज द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। चित्रगुप्त धाम, नेवरी लालघाटी में भगवान चित्रगुप्त का अभिषेक किया गया और कलम-दवात की पूजा संपन्न हुई। इसके साथ ही भजन, आरती और हवन के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान चित्रगुप्त को यमराज का सचिव और संसार के सभी मनुष्यों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाला देवता माना जाता है। कहा जाता है कि वे हर व्यक्ति के अच्छे और बुरे कर्मों को लिखते हैं और उसी आधार पर न्याय होता है। इसी कारण उन्हें लेखनी और ज्ञान के देवता भी कहा जाता है।
पुराने समय में लोग लिखने के लिए कलम और स्याही की दवात का उपयोग करते थे। इसलिए चित्रगुप्त पूजा के दिन इन लेखन साधनों की पूजा करने की परंपरा शुरू हुई, जिसे कलम-दवात पूजा कहा जाता है। इस दिन लोग अपनी किताबें, रजिस्टर, कलम और लेखन सामग्री भगवान चित्रगुप्त के सामने रखकर पूजा करते हैं और उनसे ज्ञान, बुद्धि और अच्छे कर्म करने की शक्ति की कामना करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विशेष पूजा-अर्चना के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया और वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान चित्रगुप्त से परिवार की सुख-समृद्धि और समाज की उन्नति की प्रार्थना की।
वहीं, भाईदूज के अवसर पर घरों में भी बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना की। इस प्रकार पूरे शहर में भाई-बहन के प्रेम और आस्था का यह पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।