युवा विधायक सम्मेलन: Congress के विधायक हेमंत कटारे ने फ्रीबीज को बताया देश के लिए खतरा.
संवाददाता
31 March 2026
अपडेटेड: 2:27 PM 0stGMT+0530
31 मार्च 2026
भोपाल:
राजधानी भोपाल में आयोजित तीन राज्यों—मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़—के ‘युवा विधायक सम्मेलन’ के दूसरे दिन विकास और अर्थव्यवस्था पर तीखी बहस देखने को मिली। मध्य प्रदेश के अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने देश में बढ़ते ‘फ्रीबीज’ (मुफ्त की योजनाओं) के कल्चर पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे देश के भविष्य के लिए हानिकारक बताया।
सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए हेमंत कटारे ने सीधे तौर पर महिलाओं के खातों में पैसे डालने वाली योजनाओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
* “क्या सिर्फ खातों में पैसे डालने से महिलाएं सशक्त बन रही हैं? भारत की हर महिला के अंदर अदम्य काबिलियत है। सरकार को उस काबिलियत का उपयोग करने के अवसर देने चाहिए, न कि उन्हें बैसाखी थमानी चाहिए।”
* कटारे ने तर्क दिया कि ‘आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है’। अगर लोगों को बिना काम किए सीधे पैसे मिलेंगे, तो कोई मेहनत क्यों करना चाहेगा? इससे समाज की उत्पादकता कम होती है।
युवा विधायक ने सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में गरीबों की मदद करना चाहती है, तो उसे ‘कैश’ बांटने के बजाय बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “अगर कोई गरीब है, तो उसकी बेहतर शिक्षा और वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाओं पर पैसा खर्च किया जाए, ताकि वह खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
मध्य प्रदेश सरकार की ‘लाड़ली बहना योजना’ का उदाहरण देते हुए कटारे ने कहा कि हर महीने महिलाओं को 1500 रुपये देने से सरकारी खजाने पर करोड़ों का बोझ पड़ रहा है।
“ऐसी योजनाओं की वजह से सरकार लगातार कर्ज में डूबती जा रही है। यह सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों की भी कहानी है।”
उन्होंने इस स्थिति के लिए ब्यूरोक्रेसी (अफसरशाही) को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अधिकारियों को सही वित्तीय सलाह देनी चाहिए।
हेमंत कटारे ने अंत में एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को वोट बैंक और हर वर्ग की नाराजगी से बचने के लिए ऐसे लोकलुभावन कदम उठाना बंद करना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा—”यदि हम जनता की नाराजगी से घबराएंगे, तो देश की सच्ची सेवा कब करेंगे?