यूको बैंक लोन घोटाला: पूर्व चेयरमैन सुबोध कुमार गोयल गिरफ्तार, ED की बड़ी कार्रवाई…

khabar pradhan

संवाददाता

19 May 2025

अपडेटेड: 2:17 PM 0thGMT+0530

यूको बैंक लोन घोटाला: पूर्व चेयरमैन सुबोध कुमार गोयल गिरफ्तार, ED की बड़ी कार्रवाई…

देशभर में आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूको बैंक के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) सुबोध कुमार गोयल को गिरफ्तार किया है. उन पर कोलकाता की एक कंपनी Concast Steel & Power Ltd. (CSPL) को गलत तरीके से लोन पास कराने और भारी हेराफेरी में संलिप्त होने का आरोप है.
ईडी के अनुसार, गोयल ने अपने कार्यकाल के दौरान CSPL को 6,210 करोड़ रुपये का लोन मंजूर कराया था, जो बाद में फर्जीवाड़े और वित्तीय धोखाधड़ी की भेंट चढ़ गया. यह रकम विभिन्न चैनलों से घुमाकर अवैध तरीके से खर्च की गई और उसका इस्तेमाल गलत उद्देश्यों के लिए किया गया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोयल को इस फर्जीवाड़े के एवज में मोटी रकम, कीमती संपत्तियां और अन्य लग्ज़री सुविधाएं मिलीं. इनका भुगतान एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए हुआ जिससे किसी को शक न हो.

शेल कंपनियों से खेल: मनी लॉन्ड्रिंग का जाल
ED की जांच में पता चला है कि घोटाले की रकम को सफेद बनाने के लिए एक जटिल “लेयरिंग” प्रणाली अपनाई गई. यह प्रणाली फर्जी शेल कंपनियों और बोगस नामों के जरिये चलाई गई ताकि असली लेनदेन और लाभार्थियों की पहचान छिपाई जा सके.
इन कंपनियों के जरिये देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रॉपर्टी खरीदी गईं और इनका मालिकाना हक गोयल और उनके परिवार के पास है. इनमें फ्लैट्स, प्लॉट्स, लग्ज़री गाड़ियां और महंगे होटलों में बुकिंग शामिल हैं. कैश और ट्रांसफर किए गए फंड्स की तह तक पहुंचने के लिए ईडी को काफी परिश्रम करना पड़ा.
ईडी ने बताया कि इन शेल कंपनियों का इस्तेमाल सिर्फ पैसे के लेनदेन के लिए किया गया और इनमें से अधिकांश कंपनियों के पते और कागज़ात फर्जी पाए गए हैं. इससे यह स्पष्ट हो गया कि पूरा घोटाला एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा था.

CSPL प्रमोटर की गिरफ्तारी और संपत्ति ज़ब्ती
इस मामले की जांच की शुरुआत CBI की एक प्राथमिकी (FIR) से हुई थी, जिसके बाद ईडी ने अपनी स्वतंत्र जांच शुरू की. अप्रैल 2025 में सुबोध गोयल और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई. आखिरकार 16 मई को गोयल को दिल्ली स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया. 17 मई को उन्हें कोलकाता की PMLA विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 21 मई तक ईडी की हिरासत में भेजा गया है.
इससे पहले दिसंबर 2024 में CSPL के प्रमुख प्रमोटर संजय सुरेका को भी ईडी ने गिरफ्तार किया था. उनके खिलाफ फरवरी 2025 में चार्जशीट दायर की गई थी. अब तक इस पूरे मामले में ईडी ने करीब 510 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं, जो सुरेका और उनकी कंपनी के नाम पर थीं.

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