*रामलला  की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष: अयोध्या की अर्थव्यवस्था ने छुई नई ऊँचाइयाँ*

khabar pradhan

संवाददाता

22 January 2026

अपडेटेड: 8:14 PM 0ndGMT+0530

*रामलला  की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष: अयोध्या की अर्थव्यवस्था ने छुई नई ऊँचाइयाँ*

अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। इन दो वर्षों में अयोध्या न केवल धार्मिक आस्था का वैश्विक केंद्र बनी है, बल्कि इसकी अर्थव्यवस्था भी अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ी है। राम मंदिर निर्माण और उद्घाटन के बाद अयोध्या ने विकास और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री ने रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। यह समारोह भारतीय इतिहास के सबसे ऐतिहासिक और दिव्य आयोजनों में से एक माना गया, जिसे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी करोड़ों लोगों ने देखा।

राम मंदिर उद्घाटन से पहले अयोध्या में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार श्रद्धालु ही पहुंचते थे, लेकिन अब रोजाना डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु और पर्यटक राम नगरी अयोध्या पहुंच रहे हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ ने अयोध्या के पर्यटन और व्यापार को नई ऊर्जा दी है।

लंबे समय से उपेक्षित पड़े अयोध्या के कई धार्मिक और पर्यटन स्थल अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ से गुलजार हो रहे हैं। बढ़ती पर्यटक संख्या के चलते यहां के होटल, धर्मशालाएं, रेस्टोरेंट, स्थानीय बाजार और परिवहन सेवाएं तेजी से विकसित हुई हैं। प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिले हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अयोध्या में व्यापक स्तर पर विकास कार्य और पर्यटन स्थलों का सुंदरीकरण किया गया है। सड़कों, घाटों, मंदिर परिसरों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से अयोध्या की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत और अधिक निखरकर सामने आई है, जो देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित कर रही है।

दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यकताओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी बड़ा लाभ हो रहा है। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्षों में अयोध्या ने यह सिद्ध कर दिया है कि आस्था के साथ विकास भी संभव है। आज अयोध्या एक धार्मिक नगरी के साथ-साथ उभरते हुए आर्थिक और पर्यटन केंद्र के रूप में देश-दुनिया के सामने खड़ी है।

अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के अवसर पर राम नगरी पूरी तरह भक्ति और उत्सव के रंग में रंगी हुई है। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर सहित पूरी अयोध्या में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है l

राम मंदिर परिसर में वर्षगांठ के दिन विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन-यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी वर्ग द्वारा रामलला की विशेष श्रृंगार पूजा की जाती है, जिसके बाद भव्य आरती संपन्न होती है। दिनभर रामायण पाठ, सुंदरकांड और भजन-कीर्तन के कार्यक्रम चलते रहते हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह राममय बना हुआ है।

सरयू नदी के घाटों पर भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान, आरती और दीपदान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर अयोध्या प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा और स्वच्छता को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सहज रूप से दर्शन और पूजा कर सकें l

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