5 अप्रैल 2026
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (यूपी एसटीएफ) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। टीम ने राज्य की राजधानी लखनऊ में एक बड़ी तबाही की साज़िश को नाकाम कर दिया है। एसटीएफ ने चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के ख़िलाफ़ साज़िश रच रहे थे।
पकड़े गए संदिग्धों के तार पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं। ये सभी एक आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे, जो लखनऊ, गाज़ियाबाद और अलीगढ़ जैसे शहरों में आतंक फैलाने की साज़िश रच रहे थे।

पूछताछ में कबूला गुनहा: पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर कर रहे थे काम
गिरफ्तारी के बाद जब एसटीएफ की टीम ने संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वे पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देशों पर काम कर रहे थे। उनका मकसद था कि वे इन शहरों में धमाके और अन्य वारदातों को अंजाम देकर दहशत का माहौल पैदा करें। इसके बाद, उनका इरादा अन्य शहरों को भी निशाना बनाने का था।

बड़े नेता और रेलवे स्टेशन थे निशाने पर
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पकड़े गए आतंकवादियों ने राज्य के कई बड़े नेताओं की रैकी की थी। इनमें कई नेता अहम पदों पर बैठे हैं। एसटीएफ को नेताओं के नाम भी पता चल गए हैं।
यही नहीं, इनका सबसे पहला निशाना लखनऊ रेलवे स्टेशन था। इनकी योजना थी कि रेलवे स्टेशन पर भीड़भाड़ वाले इलाके में धमाके करके ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को नुक़सान पहुँचाएँ। इसके अलावा, इनका मकसद देशभर में रेलवे सिग्नल बॉक्स को उड़ाकर ट्रेनों को पटरी से उतारने या आपस में टकराने जैसी घटनाओं को अंजाम देना था।
इन संदिग्धों की योजना सिर्फ़ रेलवे स्टेशन तक ही सीमित नहीं थी। वे गैस सिलिंडरों से भरे ट्रकों और प्रतिष्ठित संस्थानों में भी आग लगाकर बड़े स्तर पर नुक़सान और अफ़रातफ़री फैलाने की साज़िश रच रहे थे।
ये हुई बरामदगी
गिरफ्तारी के समय, पुलिस ने संदिग्धों के पास से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। इनमें शामिल हैं, ज्वलनशील पदार्थ, सात मोबाइल फोन, आधार कार्ड l इन सभी संदिग्धों के खिलाफ़ भारतीय न्याय संहिता और गैरक़ानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसटीएफ की अलर्टनेस से बची बड़ी त्रासदी
एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को चारों संदिग्धों को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। इनकी समय पर गिरफ्तारी ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया है। एसटीएफ अब इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके और भी साथी या मॉड्यूल देश में सक्रिय हैं या नहीं। पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ इनके सोशल मीडिया लिंक की भी जाँच की जा रही है।