लेमनग्रास–  एक चमत्कारी औषधीय पौधा- बेमिसाल गुणों से भरपूर खुशबूदार घास का पौधा :

khabar pradhan

संवाददाता

22 February 2026

अपडेटेड: 7:24 PM 0ndGMT+0530

लेमनग्रास–  एक चमत्कारी औषधीय पौधा- बेमिसाल गुणों से भरपूर खुशबूदार घास का पौधा :

लेमन ग्रास एक सुगंधित औषधीय घास है, जिसका वैज्ञानिक नाम Cymbopogon citratus है। इसमें नींबू जैसी तेज़ खुशबू होती है और इसका इस्तेमाल औषधि, चाय, मसाले, और तेल निकालने के लिए किया जाता है।

लेमन ग्रास के प्रमुख फायदे :

औषधीय गुण – इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।
पाचन सुधार – इसकी चाय पीने से अपच, गैस और पेट दर्द में राहत मिलती है।
तनाव कम – इसकी खुशबू तनाव और अनिद्रा को कम करने में मदद करती है।
ब्लड शुगर नियंत्रण – इसकी चाय डायबिटीज़ के रोगियों के लिए लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है।
कोलेस्ट्रॉल कम करना – इसमें पाए जाने वाले तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में सहायक होते हैं।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना – इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं।
त्वचा व बालों के लिए फायदेमंद – इसका तेल त्वचा की नमी बनाए रखता है और बालों की जड़ों को मज़बूत करता है।
वज़न घटाने में सहायक – लेमन ग्रास की चाय शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालती है और चयापचय (Metabolism) को बेहतर बनाती है।
मच्छर भगाने वाला – लेमन ग्रास के तेल से मच्छर और कीड़े दूर रहते हैं, इसलिए यह प्राकृतिक रिपेलेंट है।
सुगंध उद्योग – इसका तेल साबुन, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक्स और अरोमा थेरेपी में खूब प्रयोग होता है।

लगाने का सही समय :

फरवरी से जून लेमन ग्रास लगाने का सबसे अच्छा समय है।
वर्षा ऋतु (जुलाई–अगस्त) में भी इसे लगाया जा सकता है क्योंकि नमी और गर्माहट इसकी जड़ों के लिए उपयुक्त रहती है।
सर्दियों में नया पौधा न लगाएँ, क्योंकि ठंड में पौधा जम सकता है और बढ़वार नहीं होगी। यह समय इसके डोरमेंसी का होता है।
इस दौरान इसकी वृद्धि रुक जाती है, लेकिन जड़ें जीवित रहती हैं।
तापमान बढ़ने और धूप मिलने पर (फरवरी–मार्च से) यह फिर से सक्रिय होकर नई कोपलें निकालता है।

लेमन ग्रास को गमले में कैसे लगाएं:

मिट्टी – हल्की दोमट और अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी उपयुक्त रहती है।
धूप – इसे पूरे दिन भरपूर धूप चाहिए।
सिंचाई – नियमित लेकिन हल्की सिंचाई करें, पानी कभी जमा न होने दें।
कटाई – 3-4 महीने बाद पत्तियाँ काटकर इस्तेमाल की जा सकती हैं।
जड़ों (root division) से आसानी से नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।

यह पौधा घर या बगीचे में लगाने के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि यह न सिर्फ़ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि इसकी नींबू जैसी सुगंध वातावरण को भी ताज़गी देती है।

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