मोहन यादव के स्पष्ट निर्देश से वल्लभ भवन में अचानक निरीक्षण से हड़कंप; कई विभागों में खाली मिले दफ्तर
संवाददाता
27 February 2026
अपडेटेड: 2:41 PM 0thGMT+0530
27 फरवरी2026
भोपाल: कामकाज की हकीकत सामने लाने के लिए प्रशासन का बड़ा अभियान
भोपाल स्थित वल्लभ भवन मंत्रालय में अचानक हुए निरीक्षण से कई विभागों में हड़कंप की स्थिति बन गई। सामान्य प्रशासन विभाग की टीम ने खेल, वन, कृषि और गृह विभाग के दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया, जहां कई कार्यालयों में कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं में कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड व्यवस्था को लेकर भी गंभीर कमियां सामने आईं।
लापरवाही पर प्रमुख सचिव ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, अजय कटेसरिया, दिनेश मौर्य और मनोज श्रीवास्तव ने अलग-अलग टीम बनाकर विभागों में उपस्थित की पड़ताल की l कई जगहों पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति पाई गई। जानकारी के अनुसार, मंत्रालय में काम का निर्धारित समय सुबह 10 से 6 बजे है, लेकिन अधिकारी, कर्मचारी विलंब से आते हैं, और जल्दी चले जाते हैंl सुबह निर्धारित समय के बाद भी कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस देने और जवाब-तलब करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्य सचिव के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशों और मुख्य सचिव अनुराग जैन के प्रशासनिक सख्ती के संदेश के बाद शुरू की गई है। बताया गया कि मुख्य सचिव उस दिन भोपाल से बाहर थे, लेकिन उनके निर्देश पर ही औचक निरीक्षण किया गया। प्रशासन का फोकस अब समय पर उपस्थिति और कार्यक्षमता बढ़ाने पर है।
अपर मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों की सक्रियता
अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी निरीक्षण व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग टीमों को विभिन्न विभागों में भेजा गया, ताकि सरकारी दफ्तरों में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके और जनता से जुड़े कामों में देरी रोकी जा सके।
प्रशासनिक सख्ती पर विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
प्रशासनिक विशेषज्ञ वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि इस तरह के निरीक्षण से सरकारी कामकाज में सुधार आएगा और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रही तो आम लोगों को समय पर सेवाएं मिलेंगी और भ्रष्टाचार तथा लापरवाही पर अंकुश लगेगा।
अब देर से आने और जल्दी जाने वालों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने संकेत दिए हैं कि अब समय का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनुपस्थित या लापरवाह पाए जाने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा
सामान्य प्रशासन विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान एक दिन का नहीं है, बल्कि आगे भी मंत्रालय और अन्य सरकारी दफ्तरों में औचक निरीक्षण जारी रहेगा। इसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाना और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सीएम बार-बार यह निर्देश देते रहे हैं, कि कार्यालय में शत प्रतिशत स्टाफ समय पर उपस्थित रहेl बावजूद इसके मंत्रालय स्तर पर ही इस आदेश के अनदेखी हो रही थी ।लेट लतीफी से नाराज मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही यह सख्ती दिखाई गई है ।
सुबह 10:00 से शाम 4:00 तक अधिकारियों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
लंच के बाद दफ्तर से नदारत रहने वाले एसओ से लेकर एडिशनल सेक्रेटरी तक की सूची तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि आदत नहीं सुधरी तो सप्ताह में 6 दिन काम का पुराना पैटर्न फिर से शुरू किया जा सकता है। इसके साथ ही नई व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश भी नहीं दिया जाएगा।
पूर्व लोक प्रशासन के सलाहकार डॉ आरके मिश्रा ने कहा है कि मंत्रालय में एक सेक्शन में करीब 25 से 40 फाईलें रोज आती हैं । यदि सेक्शन ऑफिसर 30 से 45 मिनट देर से आए तो 10 से 12 फ़ाइलों का काम रुक जाता है। यानी 144 सेक्शन में 30% देरी से आए तो 400 से 500 फाइलों का काम प्रभावित हो सकता है।