वाशिंगटन डीसी की मेयर बनने की दौड़ में भारतवंशी रिनी संपत: पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार
संवाददाता
5 April 2026
अपडेटेड: 3:24 PM 0thGMT+0530
5 अप्रैल 2026
वाशिंगटन डीसी:
अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन डीसी में एक नया इतिहास रचा जा रहा है। भारतवंशी रिनी संपत मेयर पद के लिए प्राइमरी चुनाव में उम्मीदवार बनने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं। डेमोक्रेट उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही 31 वर्षीय रिनी संपत ने इस दौड़ में शामिल होकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
एक दशक से वाशिंगटन डीसी में सक्रिय
तमिलनाडु के थेनी में जन्मी रिनी संपत सात साल की उम्र में अमेरिका आ गई थीं। वे पिछले एक दशक से अधिक समय से वाशिंगटन डीसी में रह रही हैं और यहाँ के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रही हैं। पेशे से वे एक गवर्नमेंट कांट्रेक्टर हैं। उनकी मेयर पद की उम्मीदवारी ने न सिर्फ़ भारतीय समुदाय, बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई समुदाय में उत्साह की लहर पैदा कर दी है।
रिनी संपत का विज़न: बुनियादी नागरिक सेवाओं में सुधार
रिनी संपत ने अपने अभियान का मुख्य केंद्र वाशिंगटन डीसी की बुनियादी नागरिक सेवाओं में सुधार लाना बताया है। उनका मानना है कि मेयर के रूप में वे शहर की समस्याओं को बेहतर ढंग से हल कर सकती हैं। उन्होंने साफ़ किया है कि वे कोई राजनेता नहीं हैं और उनका किसी विशेष हित समूह से संबंध नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य जनता की सेवा करना और शहर को बेहतर बनाना है।
‘जीत का ठोस रास्ता’: संपत का आत्मविश्वास
संपत का कहना है कि मेयर पद के लिए उम्मीदवारी की उनकी यात्रा मात्र चार हफ़्तों में पूरी हुई। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “यह स्पष्ट है कि मेरे पास जीत का एक ठोस रास्ता है। चार हफ़्तों में मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनना एक बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने अपने सरल और जन-समर्थित अभियान की तारीफ़ की और कहा कि यही उनकी ताक़त है।
एक सरल और जन-समर्थित अभियान
रिनी संपत ने कहा, “कल्पना कीजिए कि अगर हमारे पास शहर भर के हर मतदाता तक पहुँचने के लिए पर्याप्त संसाधन हों, तो हम क्या कर सकते हैं।” उनका यह बयान उनके जन-समर्थित दृष्टिकोण को दर्शाता है। वे मेयर पद के चुनाव में एक नया और ताज़ा चेहरा हैं, जो शहर की समस्याओं के लिए व्यावहारिक समाधान प्रदान करने की बात कर रही हैं।
रिनी संपत की उम्मीदवारी ने वाशिंगटन डीसी के मेयर चुनाव को एक नया मोड़ दे दिया है। पूरी दुनिया की नज़रें अब इस पर टिकी हैं कि क्या वे इस चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर कर सकती हैं