संकट के समय भारत बना मददगार: गरीब देशों को भेजी चावल और दवाओं की बड़ी खेप
संवाददाता
3 April 2026
अपडेटेड: 4:58 PM 0rdGMT+0530
3 अप्रैल 2026
नई दिल्ली
मध्य पूर्व में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच भारत ने मानवता की मिसाल पेश की है। भारत ने कई अफ्रीकी और एशियाई देशों को खाद्यान्न (चावल) और आपातकालीन चिकित्सा किट भेजकर उनकी मदद की है। सोशल मीडिया पर भारत की इस “दरियादिली” की काफी सराहना हो रही है। बीते 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका- ईरान के बीच युद्ध के दौरान भारत ने अफ्रीका के कई देशों को भर भर कर चावल दिया है l साथ ही इमरजेंसी मेडिकल किट और दवाएं भी उपलब्ध कराई हैंl
किन देशों को मिली कितनी मदद?
* बुर्किना फासो: भारत ने 1,000 मीट्रिक टन चावल मानवीय सहायता के रूप में भेजे हैं ताकि वहां गृहयुद्ध से प्रभावित लोगों को मदद मिल सके।
* मोजाम्बिक: यहाँ 500 मीट्रिक टन चावल और 89 मीट्रिक टन दवाओं की सहायता पहुंचाई गई है।
* मलावी: 9 मार्च को भारत ने एल नीनो से प्रभावित होने की वजह से सुख की मार झेल रहे अफ्रीकी देश मालवी को मानवीय मदद भेजी थी इस देश को भी संकट के समय 1,000 मीट्रिक टन चावल की मदद भेजी गई है।
* सिएरा लियोन: यहाँ के स्कूलों में बच्चों के भोजन (मिड-डे मील) के लिए भारत ने 1,000 मीट्रिक टन चावल का सहयोग दिया है।
खास बातें:
* दवाओं की आपूर्ति: जिबूती जैसे देशों को जीवन रक्षक दवाएं और क्रिटिकल मेडिकल उपकरण भी भेजे गए हैं।
*अफगानिस्तान: 20 मार्च को भारत ने पाकिस्तान के हमले से संकट में पड़े अफगानिस्तान को जीवन रक्षक दवा और मेडिकल kit’s की एक बड़ी खेप भेजी थीl
अमेरिका-ईरान तनाव और खाड़ी के युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई में बाधा आने के बावजूद, भारत ने कूटनीतिक रास्तों से इन गरीब देशों तक मदद पहुँचाना जारी रखा।
भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि वह ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।