सिंधिया राजवंश की कुलदेवी मांढरे वाली माता

khabar pradhan

संवाददाता

24 March 2025

अपडेटेड: 2:09 PM 0thGMT+0530

सिंधिया राजवंश की कुलदेवी मांढरे वाली माता

गालब ऋषि की भूमि ग्वालियर में यूं तो कई मंदिर प्रसिद्ध हैं लेकिन ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक जयाजीराव सिंधिया द्वारा 140 वर्ष पूर्व एक विशेष मंदिर स्थापित कराया गया था…श्री महाकाली देवी की अष्टभुजा महिषासुर मर्दिनी रूपी माता का मंदिर है जिसे वर्तमान में मांढरेवाली माता के नाम से जाना जाता है।
कहते कि यहां जो भी मन्नत लेकर श्रद्धालु पहुंचते है….मां उनकी हर मनोकामना को पूर्ण करती है… चैत्र और शारदीय दोनों नवरात्रि में बड़ा महोत्सव मनाया जाता है यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं…

सिंधिया राजवंश की कुलदेवी का ये मंदिर है …शहर के ऐतिहासिक मंदिरों में मांढरेवाली माता का मंदिर भी शामिल है… कंपू क्षेत्र के कैंसर पहाड़ी पर बना यह भव्य मंदिर स्थापत्य की दृष्टि से तो खास है ही इस मंदिर में विराजमान अष्टभुजी वाली महिषासुर मर्दिनी मां महाकाली की प्रतिमा अद्भुत और दिव्य है…

बताया जाता है कि इस मंदिर को 135 वर्ष पूर्व आनंदराव मांढरे के कहने पर ही तत्कालीन सिंधिया शासक ने यह मंदिर बनवाया था जो कि जयाजीराव सिंधिया की फौज में कर्नल के पद पर थे.. आज भी इस मंदिर की देखरेख पूरे विधिविधान से होती है और पूजा.पाठ का दायित्व मांढरे परिवार ही निभा रहा है

सिंधिया परिवार की कुलदेवी औऱ अष्टभुजा वाली महाकाली मैया सिंधिया राजवंश की कुल देवी हैं… इस वंश के लोग जब भी कोई नया करते हैं तो मंदिर पर मत्था टेकने जरूर आते हैं… साढ़े तेरह बीघा भूमि विरासतकाल में इस मंदिर को राजवंश द्वारा प्रदान की गई। मंदिर की हर बुनियादी जरूरत को सिंधिया वंश द्वारा पूरा किया जाता है।

जयविलास पैलेस और मंदिर का बिल्कुल आमने-.सामने बनाये गये हैं…ऐसा इसलिए किया गया ताकि जयविलास पैलेस से दूरबीन के माध्यम से सिंधिया शासक माता के दर्शन प्रतिदिन कर सकें …मंदिर के व्यवस्थापक मांढरे परिवार के अनुसार इस मंदिर पर लगे शमी के वृक्ष का प्राचीन काल से सिंधिया राजवंश दशहरे के दिन पूजन किया करता है….आज भी पारंपरिक परिधान धारण कर सिंधिया राजवंश के प्रतिनिधि ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने बेटे के साथ यहां दशहरे पर मत्था टेकने आते हैं और शमी का पूजन करते हैं….जिसे देखने के लिए ग्वालियर की जनता में अति उत्साह रहता है…

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