हमीदिया अस्पताल का लिफ्ट संकट फिलहाल टला –6 महीने से वेतन नहीं मिलने से ऑपरेटरों में छोड़ा था काम:
संवाददाता
28 March 2026
अपडेटेड: 11:08 PM 0thGMT+0530
28 मार्च 2026:
मध्य प्रदेश भोपाल:
हमीदिया अस्पताल में लिफ्ट हुई चालू:
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में लिफ्ट बंद होने से बना हुआ संकट फिलहाल टल गया है । 6 महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण 24 लिफ्ट ऑपरेटरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था । इस पूरे संकट की जड़ है एक लंबित भुगतान । जिसके कारण अस्पताल में लिफ्ट सेवा बंद पड़ी थी। जिससे मरीज और उनके परिजनों के साथ-साथ डॉक्टर नर्स स्वास्थकर्मी और अस्पताल के स्टाफ बेहद परेशान रहे। अस्पताल की लगभग 24 लिफ्ट बंद पड़ी थी जिसके कारण इमरजेंसी वार्डों में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नर्स स्वस्थ करने और अस्पताल में भर्ती रोगियों के परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। बताया जा रहा है कि 6 महीने से वेतन न मिलने से नाराज सभी लिफ्ट आपरेटरों ने सामूहिक तौर पर काम बंद कर दिया था। फिलहाल इस संकट पर विराम लग गया है और 24 लिफ्ट दोबारा चालू कर दी गई है। यह मामला राजधानी की सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है दरअसल प्रशासन में बजट जारी करने का आश्वासन दिया है लेकिन अभी भी जड़ से खत्म नहीं हुई है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग जल्द ही बकाया धनराशि का भुगतान करने के लिए कहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से धनराशि नहीं देने के कारण 1 साल से हमीदिया में लिफ्ट संचालन करने वाली एजेंसी का भुगतान नहीं हुआ था । जिसके कारण एजेंसी में लिफ्ट मानकर वेतन रोक दिया इसके बाद जीएमसी की टीम डॉक्टर कविता एन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले की जानकारी देने के साथ पत्र भेज कर विभाग से बजट देने की मांग की। नियमों के अनुसार लिफ्ट संचालन करने वाली एजेंसी का भुगतान राज्य का लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी करता है। यह मामला शासन स्तर पर भेजा गया है और जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है हमीदिया अस्पताल:
हमीदी अस्पताल भोपाल का एक बड़ा सरकारी अस्पताल है जो करीब 720 करोड रुपए की लागत से बना हुआ आधुनिक भावनाओं में शुमार है यहां करीब हर रोज ढाई हजार मैरिज और उनके साथ हजारों परिजन मिलकर 7000 से ज्यादा लोग आते हैं। हमीदी अस्पताल में करीब 19 लिफ्ट है जिनमें से 11 लिफ्ट बंद हो गई।
लिफ्ट बंद होने से सिस्टम की खुली पोल:
हमीदी अस्पताल में यह विवाद तब शुरू हुआ जब अस्पताल में काम कर रहे सभी 24 लिफ्ट और ष ऑपरेपरों ने काम बंद कर दिया। क्योंकि उन्हें पिछले 6 महीना से वेतन नहीं मिला था इस वजह से नाराज ऑपरेटर उन्होंने सामूहिक इस्तीफा दिया यहां तक की लिफ्ट की चाबियां भी अपने साथ ले गए। लिफ्ट बंद होने से अस्पताल का पूरा सिस्टम चरमरा गया।
लिफ्ट बंद होने से हार्ट पेशेंट को स्ट्रेचर पर ऑन ऊपर ले जाना मुश्किल हुआ गर्भवती महिलाओं को परेशानी हुई इमरजेंसी कैसे प्रभावित हुए डॉक्टर और स्टाफ की मूवमेंट से लेकर मरीज और परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के बाद पता चला कि लिफ्ट संचालन का ठेका एक निजी एजेंसी को दिया गया है, जिसका करीब 3 करोड़ 25 लाख का भुगतान 1 साल से अटका हुआ है। गांधी मेडिकल कॉलेज द्वारा यह भुगतान नहीं किया गया। जिससे एजेंसी ने कर्मचारियों का वेतन रोका।
अब सरकार ने 2 दिन में सभी लंबित भुगतान देने का आश्वासन दिया है। जिससे इस्तीफा देने वाले 24 लिफ्ट ऑपरेटर काम पर वापस लौट आए हैं और अस्पताल की सभी लिफ्ट फिर से शुरू हो गई हैं।