अखिलेश यादव ने यूपी में कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

khabar pradhan

संवाददाता

12 April 2025

अपडेटेड: 7:14 AM 0thGMT+0530

अखिलेश यादव ने यूपी में कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने पीएम मोदी पर कसा तंज

अखिलेश यादव ने पीएम मोदी पर कसा तंज

अलीगढ़ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि काशी दुष्कर्म मामले से कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है। साथ ही उन्होंने बीजेपी पर नफरत फैलाने और नाकामियों को छुपाने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह बीजेपी का फैसला है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक प्रोग्राम में शामिल होने अलीगढ़ पहुंचे थे। साथ ही इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के काशी में अधिकारियों से दुष्कर्म की घटना की जानकारी लेने पर तंज किया और कहा कि आज कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है और वही सीएम साइडलाइन किए गए हैं।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अधिकारियों से यह जानकारी ली गई कि उस घटना (वाराणसी दुष्कर्म) में कितने दोषी पकड़े गए हैं। जो आंकड़े उत्तर प्रदेश सरकार बताती है, उनमें बेटियां असुरक्षित हैं। पार्टी और जाति देखकर भेदभाव हो रहा है। पूर्व में बीएचयू में एक बेटी के साथ घिनौनी घटना हुई, उसमें आरोपी भाजपाई ही निकले।

उन्होंने कहा कि भाजपा का रास्ता नफरत भरा और नकारात्मक सोच वाला है। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए वह जनता का ध्यान बांटती है। बीजेपी के सुशासन की भी पोल खुल गई है। हमारा संविधान हमारी ढाल है। इसी संविधान पर बीजेपी चोट पहुंचाती है।

उन्होंने वक्फ बिल को लेकर कहा कि इसका हम विरोध करते हैं। वही यह बिल बीजेपी का है। हम इसे किसी भी कीमत पर नहीं मानेंगे। साथ ही जब इन्हें अपनी नाकामी छिपानी होती है तब ऐसा फैसला लेते हैं, जिससे लोगों का ध्यान बंट जाए। रामजी लाल सुमन ने जो कुछ बोला, उसके बाद राज्यसभा से उसे रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। इसके बाद बात खत्म हो गई थी। लेकिन, बीजेपी का भरोसा तानाशाही पर है। इतिहास को इतिहास ही रहने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संविधान हमारे लिए ढाल है, हमारा सम्मान है, हमारी पहचान है। साथ ही यह हमें हक और अधिकार दिलाता है। आज महंगाई चरम पर है, किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है। वही गेहूं का ऐसा समर्थन मूल्य लागू किया गया है, जिससे किसानों को नुकसान पहुंच रहा है। प्राइवेट लोग भी किसान का गेहूं महंगा नहीं खरीद सकते हैं। साथ ही यह इसीलिए काला कानून ला रहे हैं कि किसान को फसल की सही कीमत न मिले और वही ये बड़ी-बड़ी न‍िजी कंपनियों से गेहूं खरीदवा रहे हैं। जीएसटी ने व्यापार को बर्बाद कर दिया है, जो व्यापारियों को फायदा मिलना चाहिए, वह नहीं मिला।

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