अनपढ़ महिलाओं द्वारा 3 एकड़ में सूरजमुखी की खेती अद्भुत उपलब्धि

khabar pradhan

संवाददाता

25 March 2025

अपडेटेड: 6:35 AM 0thGMT+0530

अनपढ़ महिलाओं द्वारा 3 एकड़ में सूरजमुखी की खेती अद्भुत उपलब्धि

मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प से मिली सफलता

फतेहपुर प्रखंड की ताकुंडी गांव की महिलाओं ने सूरजमुखी की खेती कर मिसाल पेश की है। बैंक लोन और मेहनत से 3 एकड़ जमीन पर सूरजमुखी लगाए। सिंचाई की समस्या का समाधान खुद से किया। उनकी मेहनत रंग लाई और अच्छी पैदावार मिली। इनकी मेहनत और संघर्ष ने प्रेरणा का स्रोत बनाया।

झारखंड के जामताड़ा जिले के फतेहपुर प्रखंड के ताकुंडी गांव की कुछ महिलाओं ने कमाल कर दिखाया है। इन महिलाओं ने मिलकर सूरजमुखी की खेती की है। उन्होंने बैंक से लोन लिया और मेहनत से काम करके दिखाया कि कुछ भी मुमकिन है। इन महिलाओं में से ज्यादातर पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन उनके हौसले बुलंद हैं। उन्होंने जेएसएलपीएस की मदद से बीज लेकर 3 एकड़ जमीन पर सूरजमुखी के फूल लगाए। जब सिंचाई की दिक्कत आई, तो उन्होंने खुद कुआं ठीक करके पानी का इंतजाम किया। उनकी इस मेहनत से अच्छी फसल हुई है और वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
ताकुंडी गांव की इन महिलाओं ने साबित कर दिया है कि अगर इंसान में लगन हो तो वह कुछ भी कर सकता है। इन महिलाओं में से अधिकतर 32 से 40 साल की हैं। अनीता हेंब्रम नाम की एक महिला दसवीं तक पढ़ी है, जो कि उनमें सबसे अधिक पढ़ी-लिखी है। चार महिलाएं ऐसी हैं जो बिल्कुल भी पढ़ी-लिखी नहीं हैं। कुछ महिलाएं सिर्फ अपना नाम लिख पाती हैं।

सभी महिलाओं ने मिलकर बैंक से लोन लिया। इस लोन से उन्होंने सूरजमुखी की खेती शुरू की।झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी ने उनकी मदद की। उन्हें 4 किलो सूरजमुखी के बीज मिले। इन बीजों को उन्होंने 3 एकड़ जमीन पर बोया। खेती करने में कई मुश्किलें आईं। जब फसल को पानी देने का समय आया, तो गांव के कुछ लोगों ने तालाब से पानी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर इन महिलाओं को पानी दे देंगे तो उनके जानवरों के लिए पानी नहीं बचेगा।
इसके बावजूद महिलाओं ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने खेत में एक पुराने कुएं को देखा। वह कुआं टूटा हुआ था। महिलाओं ने खुद मिलकर उस कुएं को ठीक किया। फिर उन्होंने उस कुएं से पानी निकालकर अपनी फसल को सींचा। उनकी मेहनत रंग लाई। सूरजमुखी के फूल खूब खिले। उन्हें अच्छी पैदावार मिली। अपनी फसल को देखकर वे बहुत खुश हुईं।
इन महिलाओं ने दिखा दिया कि अगर कोई इंसान मेहनत और लगन से काम करे तो वह जरूर सफल होता है। उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि शिक्षा और पैसे की कमी किसी की तरक्की में रुकावट नहीं बन सकती। अगर दिल में कुछ करने की चाह हो तो रास्ते अपने आप खुल जाते हैं। इन महिलाओं दूसरों के लिए एक मिसाल कायम की है।

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