अनोखी पहल: शोभायात्रा में डीजे जगह गूंजेगी शहनाई की मधुर धुन

khabar pradhan

संवाददाता

21 February 2026

अपडेटेड: 2:37 PM 0stGMT+0530

ध्वनि प्रदूषण से बचाव का संदेश, मंदिर समिति का नया निर्णय
औबेदुल्लागंज के खेड़ापति माता मंदिर, हिरानिया में नवदेवी, हनुमंतलाल और शिव परिवार की सात दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा और संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 22 फरवरी से किया जा रहा है। कार्यक्रम से पहले रविवार को कलश यात्रा निकाली जाएगी। विशेष बात यह है कि इस बार शोभायात्रा में डीजे के बजाय शहनाई की मधुर धुनों का उपयोग किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के पालन पर जोर
मंदिर समिति ने बताया कि धार्मिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। समिति के रामेश्वर नागर, योगेश तिवारी और जेपी मिश्रा के अनुसार डीजे की तेज आवाज लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है, इसलिए सकारात्मक संदेश देने के लिए शहनाई के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी।

सुबह 11 बजे मंदिर परिसर से निकलेगी यात्रा
शोभायात्रा रविवार सुबह 11 बजे मंदिर परिसर से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालु पारंपरिक वाद्ययंत्रों और धार्मिक गीतों के साथ भाग लेंगे, जिससे वातावरण भक्तिमय रहेगा।

सात दिवसीय कथा में कृष्ण लीलाओं का होगा वर्णन
कार्यक्रम के तहत सात दिनों तक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। पंडित राजेंद्र प्रसाद शास्त्री श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करेंगे। साथ ही सुबह से शाम तक यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न किए जाएंगे।

धार्मिक आयोजनों में सकारात्मक बदलाव की पहल
मंदिर समिति का कहना है कि डीजे की तेज आवाज से दिल के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है। ऐसे में शहनाई और पारंपरिक संगीत को बढ़ावा देना समाज के लिए बेहतर कदम है। इस पहल को सामाजिक और धार्मिक स्तर पर सराहनीय माना जा रहा है।

टिप्पणियां (0)