अपनाएं आयुर्वेदिक दिनचर्या : पायें स्वस्थ आकर्षक और ऊर्जावान शरीर:
संवाददाता
7 April 2026
अपडेटेड: 4:14 PM 0thGMT+0530
विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल:
7 अप्रैल 2026:
दिन की शुरुआत 2 गिलास पानी से:
आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ जीवन के लिए नियमित दिनचर्या अपनाना सबसे महत्त्वपूर्ण है। समय पर उठना, समय पर भोजन करना और समय पर सोना शरीर को संतुलित बनाए रखता है। असंतुलित जीवनशैली कई रोगों का कारण बन सकती है, जबकि अनुशासित दिनचर्या शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखती है।
1. सुबह की शुरुआत पानी पीने से करें:
सुबह जल्दी उठें और सुबह उठते ही 2 गिलास पानी पीना चाहिए, 10-10 मिनट के अंतराल में 2 गिलास पी सकते हैं। इससे कई शारीरिक लाभ मिलेंगे और पाचन तंत्र सक्रिय होगा। मौसम एवं शरीर की प्रकृति के अनुसार पानी की मात्रा तय करें।
2. नियमित मालिश को दिनचर्या में शामिल करें: नियमित तेल से शरीर की
मालिश करने से न केवल मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, बल्कि वात दोष भी शांत होता है और अच्छी नींद आती है। इसके बाद स्नान करना शरीर को स्वच्छ रखने के साथ मानसिक ताजगी प्रदान करता है। आयुर्वेद में इन्हें स्वस्थ जीवनशैली की महत्त्वपूर्ण आदतों में शामिल किया गया है।
3. शाम को हल्का भोजन करें, अच्छी नींद लें:
रात्रि का भोजन हल्का और सुपाच्य होना चाहिए। देर रात तक जागना शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। समय पर सोने की आदत शरीर को ऊर्जा देती है और मानसिक संतुलन बनाए रखती है। भोजन करने के बाद कम से कम हजार कम टहलने चाहिए जिससे भोजन अच्छी तरह पचता है । गैस अपच जैसी समस्याओं से बचाव होता है।
4. भोजन करने की सही आदतें अपनाएं:
भोजन हमेशा ताजा, गर्म और सीमित मात्रा में करना चाहिए। बहुत जल्दी या बहुत धीरे भोजन करना उचित नहीं माना जाता। भोजन करते समय मन शांत रखें और बातचीत या तनाव से बचें। आयुर्वेद के अनुसार विरुद्ध आहार से बचना चाहिए तथा भोजन के बाद छाछ लेना पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है। रात में दूध लें।