अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ट्रंप को सुप्रीम झटका: टैरिफ पर मनमानी नहीं कर सकते:

khabar pradhan

संवाददाता

21 February 2026

अपडेटेड: 11:22 PM 0stGMT+0530

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ट्रंप को सुप्रीम झटका: टैरिफ पर मनमानी नहीं कर सकते:

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के  दुनिया को व्यापार व्यवस्था को हिला देने वाली वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कल शुक्रवार को 63 के बहुमत से दिए गए फैसले में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफा टैरिफ तय नहीं कर सकते या इसे बदल नहीं सकते क्योंकि यह अधिकार स्पष्ट रूप से संसद के पास है।
और इस एकपक्षीय तरीके से व्यापक टैरिफ ठोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।  राष्ट्रपति असीमित मात्रा अवधि और दायरे के टैरिफ लगाने के असाधारण शक्ति का दावा करते हैं । लेकिन संविधान के तहत इस शक्ति के प्रयोग के लिए उन्हें संसद से या कांग्रेस से स्पष्ट अनुमति लेनी होगी।
अमेरिकी चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा कि संविधान निर्माता ने टैक्स लगाने की शक्ति कार्यपालिका को नहीं सौंपीं है जबकि कोर्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पहले वसूले गए और वह डॉलर का रिफंड कैसे होगा।

ट्रंप ने इस फैसले को शर्मनाक करार दिया:

ट्रंप ने भारत पर 18% टैरिफ लगाया हुआ है पहले यह 50% था।
तो एक तरफ ट्रंप ने इस फैसले को शर्मनाक करार दिया है । उन्होंने कहा मेरे पास बैकअप प्लान है।‌ कुछ जजों ने देश हित के खिलाफ काम किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनामिक पावर एक्ट के तहत चीन ,मैक्सिको और कनाडा पर टैरिफ लगाया था।‌ फिर अप्रैल 2025 में भारत ,ईयू सहित 100 देश पर 10% बेसलाइन और 50% तक रिसिप्रोकल टैरिफ लगाया । शव्यापार के घाटे को राष्ट्रीय आपात स्थिति बताया था।
जस्टिस सेमिनल एलीटो क्लेरेंट थॉमस और ब्रेट कावाना ने इसे लेकर असहमति जताई।
आपको बता दें कि इस टैरिफ से ट्रंप ने 133 अरब डॉलर वसूल कर लिया है।

यह फैसला भारत के लिए कितनी राहत देने वाला है:
भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात पर 18% रिसिप्रोकल टैरिफ अब खत्म हो गया है । अब यह उत्पादन सामान्य मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी एमएफएन की दरों पर लगाया जाएगा 2024 25 में भारत का अमेरिका को निर्यात 86 अरब डॉलर से अधिक रहा था इसलिए यह राहत व्यापक असर डालेगी।
भारत के किन उत्पादों पर टैरिफ जारी रह सकता है:
सेक्शन 232 के तहत स्टील और एल्यूमीनियम पर 50% कुछ ऑटो कंपोनेंट पर 25 प्रतिशत तारीफ जारी रहेगा तांबा और कुछ मशीनरी भी इस दायरे में आ सकते हैं हालांकि स्मार्टफोन पेट्रोलियम उत्पाद और दवाइयां सहित लगभग 40% निर्यात पहले से ही अमेरिकी तारीफ से मुक्त हो चुके थे।
अमेरिका अब तक 100 से 175 अरब डॉलर वसूल चुका है इनका क्या होगा:
जो राशि टैरिफ के दौरान वसूली जा चुकी है वह देश को नहीं लौटी जाएगी अमेरिकी जातक कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के समक्ष आपत्ति दाखिल कर रिफंड मांग सकते हैं यह मामला अमेरिका के कोर्ट आफ इंटरनेशनल ट्रेड में जाएगा पहले भी अदालत के आदेश पर कनाडा अल्युमिनियम टैरिफ में करीब 730 मिलियन डॉलर लौट आए गए थे।
क्या अमेरिका भारत ट्रेड डील पर असर पड़ेगा:
फरवरी 2026 के अंतरिम टैरिफ फ्रेमवर्क में 18% ड्यूटी का प्रावधान था जो अब स्वत ही समाप्त हो गया है इससे भारत की मोलभाव स्थिति मजबूत हुई है और व्यापक विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत बेहतर शब्दों पर आगे बढ़ सकती है दोनों देशों के बीच डील पर 23 फरवरी को वार्ता होगी।

ट्रंप के पास अब क्या है विकल्प:


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पास दो विकल्प है पहले ट्रंप अमेरिकी कांग्रेस यानी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में टैरिफ के प्रस्ताव को पास करने के लिए रख सकते हैं 435 की प्रतिनिधि सभा में ट्रंप के रिपब्लिकन 218 जबकि विपक्षी डेमोक्रेसी 213 है 100 की सीनेट में रिपब्लिकन 53 और डेमोक्रेटिक 47 है।
टैरिफ के खिलाफ सेटलमेंट को देखकर ट्रंप संसद में टैरिफ को रखने से परहेज करेंगे।

ट्रंप अमेरिकी संविधान की धारा 301 के तहत टैरिफ के प्रावधान लागू कर सकते हैं राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत टैरिफ को जायज ठहराया जाता है ट्रंप ने चीन कनाडा और मेक्सिको पर इन्हीं प्रावधानों के तहत टैरिफ लगाया था।
इन्हीं प्रावधानों में कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है ट्रंप अब इस पर दम नहीं लगाएंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप के 358 फैसलों में से 149 पर पूर्ण और आंशिक रूप के आदेश जारी हो चुके हैं। इनमें प्रमुख है —
जन्मजात नागरिकता ट्रंप ने गैर नागरिकों के बच्चों की जन्म से अमेरिकी नागरिकता समाप्त करने का आदेश दिया ।
इसके अलावा ट्रंप ने दो ही जेंडर महिला और पुरुष को ही वैधानिक माना है ट्रांसजेंडर को नहीं।
ट्रंप ने यूनिवर्सिटी कॉलेज को फंड रोकने की आदेश दिए थे।
इलेक्शन रिफॉर्म्स ट्रंप ने वोटर आईडी और सिटीजनशिप प्रूफ को अनिवार्य करने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट से रोक लगी।

टिप्पणियां (0)