अयोध्या में रामनवमी पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़:

khabar pradhan

संवाददाता

27 March 2026

अपडेटेड: 1:47 PM 0thGMT+0530

अयोध्या में रामनवमी पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़:


27 मार्च 2026:
उत्तर प्रदेश/ अयोध्या/
रामलला के माथे पर सूर्य तिलक:
अयोध्या में रामनवमी की झलक सबसे अलग होती है।  रामलला का मनमोहक रूप, राम दरबार की अलौकिक छवि और राम मंदिर के शिखर पर लहराता भगवा ध्वज ये प्रदर्शित करता है कि धर्म, सत्य और संयम की रोशनी हमारे जीवन को हमेशा के लिए प्रभावित करती है। रामनवमी पर अयोध्या में विराजे रामलला के जन्मोत्सव की तैयारियां कई दिनों से शुरू हो चुकीं हैं ।

रामलला की मनमोहक मूर्ति, अपनी भव्यता और दिव्यता से संपूर्ण राष्ट्र की आस्था और अध्यात्म का केंद्र बनी हुई है ।‌मस्तक पर सूर्य तिलक हैं,हाथों में स्वस्तिक, शंख, चक्र और गदा सुशोभित हैं ।

दोपहर ठीक 12:00 सूर्य की किरणें रामलाल की मूर्ति के माथे पर:
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में रामनवमी पर रामलाल के माथे पर सूर्य तिलक लगाया गया। यानी सूर्य की किरणों से रामलाल का अभिषेक हुआ। भगवान श्री राम का यह दूसरा सूर्य तिलक है। सूर्य तिलक में करीब 4 मिनट तक सूर्य की हल्की नीली करने उनके माथे पर पड़ती रही। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए धार्मिक कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया गया जिस देश विदेश में रहने वाले भक्त इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन सके।
शुभ योगों के साथ मनाया जन्मोत्सव:
इस बार कई दुर्लभ शुभ योग एक साथ बन रहे हैं।
ज्योतिष आचार्यों के अनुसार रवि योग, पुनर्वसु नक्षत्र, अमृतसिद्धि योग, कर्क लग्न और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग वर्षों बाद देखने को मिल रहा है। अयोध्या में राम मंदिर में भव्य तैयारियां हो रही हैं। सुबह 09:30 बजे अभिषेक के बाद दोपहर 12:00 बजे सूर्य तिलक हुआ ।जो चार मिनट तक दिखाई दिया। रामनवमी को लेकर अयोध्या में जोर-शोर से तैयारियां की गई । हर ओर उत्सव का माहौल है।

प्रशासन से लेकर मंदिर ट्रस्ट तक व्यवस्थाओं को युद्ध स्तर पर पूरा करने में जुटे हैं। 27 मार्च रामनवमी को यहां अद्भुत छटा देखने को मिली।  राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के मुताबिक, रामनवमी को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।  राम दरबार में बधाइयां गाई जा रही हैं।‌

चैत्र रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया गया ।  रामनवमी को लेकर राम मंदिर में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। अयोध्या में हर ओर उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है।  प्रशासन से लेकर मंदिर ट्रस्ट तक सभी व्यवस्थाओं को युद्ध स्तर पर पूरा करने में जुटे हैं।  27 मार्च को दोपहर ठीक 12:00 बजे प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव पूरे वैदिक विधि-विधान और भव्यता के साथ मनाया जाएगा।  रामनवमी पर रामलला के प्राकट्य की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।  सुबह से ही प्रभु राम के दरबार में बधाइयां गाई जा रही हैं।  लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। चैत्र रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें आरती, श्रृंगार और विशेष अभिषेक का आयोजन होगा। जन्मोत्सव का सबसे विशेष क्षण वह होगा, जब लगभग 4 मिनट तक भगवान सूर्य की किरणें वैज्ञानिक तकनीक से सीधे प्रभु राम के मस्तक पर तिलक करेंगी।  यह दिव्य दृश्य मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु अपनी आंखों से देख सकेंगे।  जो श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर रहेंगे, उनके लिए अयोध्या धाम के प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिन पर जन्मोत्सव और सूर्य तिलक का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा।‌अयोध्या के विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छाजन की व्यवस्था भी की गई है ताकि तेज धूप और गर्मी से बचाव हो सके. बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को भी व्यापक रूप से व्यवस्थित किया गया है, जिससे दर्शन सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। रामनवमी पर पूरे मंदिर परिसर को सुगंधित फूलों से सजाया गया है.। प्रवेश मार्गों पर भी अद्भुत पुष्प सज्जा की गई है। ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ साथ और भव्यता औऱ दिव्यता का अनुभव मिल सके।  रात के समय विशेष लाइटिंग से पूरा मंदिर परिसर जगमगा जाएगा, जो राम भक्तों को आकर्षित करेगा। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, इस बार रामनवमी केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आध्यात्मिक और तकनीकी अद्भुत संगम का प्रतीक बनेगी, जहां लाखों श्रद्धालु प्रभु राम के जन्मोत्सव के साक्षी बनेंगे। श्री राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से ये आय़ोजन हर बार कुछ अलग तैयारियों के साथ होता है।

तो इस बार भी व्यवस्था ऐसी है कि अयोध्या के राम जन्मोत्सव का अपने अपने घरों से भी दर्शन किया जा सके।

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