असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा पर कांग्रेस का बड़ा हमला; पत्नी के पास 3 देशों के पासपोर्ट होने का दावा

khabar pradhan

संवाददाता

6 April 2026

अपडेटेड: 4:02 PM 0thGMT+0530

असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा पर कांग्रेस का बड़ा हमला; पत्नी के पास 3 देशों के पासपोर्ट होने का दावा

6 अप्रैल 2026
नई दिल्ली:

राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर अक्सर गरमाता रहता है, लेकिन इस बार मामला काफी व्यक्तिगत और गंभीर हो चला है। कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिंकी सरमा को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है। कांग्रेस का आरोप है कि रिंकी सरमा के पास एक नहीं बल्कि तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं।

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ दस्तावेज पेश किए। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
*खेड़ा का दावा है कि रिंकी सरमा के पास यूएई (UAE), एंटीगुआ और बारबुडा, और मिस्र (Egypt) के पासपोर्ट हैं।
*कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग को दिए अपने शपथपत्र (Affidavit) में इस जानकारी को छिपाया है।
*इन आरोपों के आधार पर कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का निर्वाचन रद्द किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी का पलटवार
इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और इन्हें पूरी तरह “मनगढ़ंत और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब असम में उन्हें ऐतिहासिक जनसमर्थन मिल रहा है, तो कांग्रेस हताशा में आकर बेबुनियाद हमले कर रही है। यह सब असम की जनता को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है।
रिंकी सरमा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता से बुनियादी सावधानी बरतने की उम्मीद की जाती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और मानहानि का केस दर्ज कराएंगी।

विवाद के पीछे की राजनीति
पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि सरमा की पूरी राजनीति मुसलमानों के प्रति नफरत पर टिकी है, लेकिन फिर भी उनकी पत्नी के पास दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट और दुबई में संपत्तियां हैं।

फिलहाल यह मामला अब कानूनी मोड़ लेता दिख रहा है। जहां कांग्रेस इसे “दस्तावेजों का सच” बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट की कार्रवाई से ही साफ हो पाएगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है।

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